
हालांकि, दोनों पार्टियों के आलाकमान ने प्रदर्शन को सूची जारी होने के बाद की आम प्रतिक्रिया बताया है
हुब्बली. कांग्रेस व भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए जारी उम्मीदवारों की सूची के बाद दोनों ही पार्टियों के खेमे में घमासान मचा हुआ है। टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं व कार्यकर्ताओं के बगावती सुर सामने आने लगे हैं। हालांकि, दोनों पार्टियों के आलाकमान ने प्रदर्शन को सूची जारी होने के बाद की आम प्रतिक्रिया बताया है। इनके अनुसार समय के साथ हालात सामान्य हो जाएंगे।
हुब्बली-धारवाड़ में बुधवार को कांग्रेस व भाजपा के नाराज नेताओं व उनके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद दीपक चिंचोरे ने पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। उनकी जगह जिला प्रभारी मंत्री विनय कुलकर्णी को टिकट देने का खुले तौर पर विरोध किया है। अब वे धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र से ही निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
दीपक के समर्थकों ने शिवाजी चौराहे पर कांग्रेस पार्टी का ध्वज जलाया। कांग्रेस ने नवलगुंद में पूर्व मंत्री के.एन. गद्दी की जगह एक युवा नेता का टिकट दिया। पार्टी के अनुसार गद्दी तीन बार हार चुके हैं। इसलिए इस बार उनकी जगह किसी और को चुना गया। कुरुबा समुदाय से होने के कारण गद्दी को मुख्यमंत्री सिद्धरमय्या से काफी उम्मीदें थी। लेकिन बात नहीं बनी।
इधर भाजपा को कलघटगी निर्वाचन क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सी. एम. लिमबन्नवर की जगह महेश तेंगिनकई को टिकट दिए जाने के बाद लिमबन्नवर व उनके समर्थकों ने हल्ला बोल दिया है। समर्थकों ने बुधवार को कलघटगी बंद रखा, जगह-जगह प्रदर्शन किया। लिमबन्नवर के समर्थन में कलघटगी तालुक भाजपा इकाई के अध्यक्ष निंगप्पा एस. सहित कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सभी ने जगदीश शेट्टर के घर के बाहर धरना दिया। इनके अनुसार लिमबन्नवर कांग्रेस उम्मीदवार संतोष लाड के मजबूत प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया।
Published on:
19 Apr 2018 08:17 pm
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