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बीडीए के लिए संजीवनी बनी कार्नर भूखंडों की नीलामी

निर्धारित मूल्य से ज्यादा हुई आय

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बीडीए के लिए संजीवनी बनी कार्नर भूखंडों की नीलामी

बीडीए के लिए संजीवनी बनी कार्नर भूखंडों की नीलामी

बेंगलूरु. हाल में बेंगलूरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने विभिन्न चरणों में भूखंडों की नीलामी की है। यह नीलामी बीडीए के लिए संजीवनी साबित हो गई है। वित्तीय मंदी के दौर में भी बीडीए के कई भूखंडों के लिए ऊंची बोलियां लगाई गईं। मिसाल की तौर पर एचएसआर ले आउट के दूसरे स्टेज में स्थित एक कार्नर भूखंड के लिए 8 करोड़ 8 लाख 97 हजार रुपए की बोली लगाई गई।

विश्वेश्वरय्या ले आउट में स्थित 540 वर्गमीटर एक कार्नर भूखंड 60 लाख 75 हजार रुपए की बोली लगाकर खरीदा गया है।निर्धारित मूल्य से 260 फीसदी अधिक आयबीडीए के जनसंपर्क अधिकारी एलपी गिरीश के अनुसार भूखंड की नीलामी से बीडीए को 160 फीसदी अधिक आय हुई है। जक्कूर ले आउट के निकट स्थित एक भूखंड की नीलामी से बीडीए को निर्धारित मूल्य से 260 फीसदी अधिक आय मिली है। अभी ऐसे भूखंडों के नीलामी का चौथा चरण चल रहा है।

इस प्रयोग की सफलता को देखते हुए बीडीए ने अगले वर्ष भी दो चरणों में ऐसी नीलामी जारी रखने का फैसला किया है।ऑनलाइन नीलामी से पारदर्शिताऐसे भूखंडों की मांग अच्छी होने के कारण इन भूखंड़ों के लिए नीलामी में भाग लेनेवालों की होड़ लगी है।

नीलामी ऑनलाइन होने के कारण इसमे पारदर्शिता है। साथ में इन भूखंडों को जीओ स्टैग लगाने के कारण उपभोक्ता ऑनलाइन ही इन भूखंडों को देख सकते है।अभी तक बीडीए ने ई नीलामी से 912 भूखंडों में से 672 भूखंड बेचे है। शहर के अर्कावती, कोरमंगला तथा एचएसआर ले आउट क्षेत्रों में ऐसे भूखंडों की मांग अधिक है।