
बेंगलूरु. रेल राज्य मंत्री वी. सोमण्णा ने शनिवार को कहा कि रेल परियोजनाओं के लंबित होने के कारण लागत बढ़ रही है। प्रदेश में वर्ष 1994 से रेल परियोजनाएं लंबित हैं।बेंगलूरु मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में राज्य सरकार व रेल अधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद पत्रकार सम्मेलन में सोमण्णा ने कहा कि परियोजनाओं को पूरा नहीं करने के कारण लागत में वृद्धि हुई है। इसलिए वर्ष 2025-26 के भीतर सभी लंबित रेल परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर सभी परियोजनाओं का निरीक्षण कर मीडिया को अवगत कराया जाएगा।
सोमण्णा ने कहा कि रायदुर्ग से तुमकूरु तक रेलवे लाइन के लिए लगभग 1900 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें 120 एकड़ जमीन पर कानूनी विवाद चल रहा है। भूमि अधिग्रहण में विलंब के कारण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग के कारण रेल दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं। इसलिए रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पहली बार रेलवे अंडरपास और ओवरब्रिज निर्माण करने के लिए संयुक्त समीक्षा करेगा और जहां जरूरत होगी, वहां अंडरपास या रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु रेल उपनगरीय परियोजना भी काफी समय से लंबित है। इसको पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहित कर ली गई है और भूमि के मालिकों को मुआवजे का वितरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए राज्य और केंद्र सरकार को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता जगदीश, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी नरेंद्र शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
Updated on:
04 Aug 2024 05:06 pm
Published on:
04 Aug 2024 05:03 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
