
पार्षदों ने अवैध फ्लेक्स और बैनर्स को लेकर पालिका अधिकारियों को घेरा
बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के कैंपेगौड़ा सभागार में विज्ञापन नीति तय करने के लिए सोमवार को बुलाई गई विशेष बैठक में सत्तासीन तथा विपक्ष के पार्षदों ने अवैध फ्लेक्स, बैनर्स की समस्या का ठीकरा बीबीएमपी के अधिकारियों पर फोड़ा।
उच्च न्यायालय के आदेश के तहत विज्ञापन नीति तय कर इसकी रिपोर्ट न्यायालय को पेश करना है। इसलिए इस विशेष बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में विभिन्न दलों पार्षदों ने बीबीएमपी के अधिकारियों की लापरवाही ही इस समस्या की जड़ होने की बात कही।
अवैध फ्लेक्स की गिनती असंभव
बहस की शुरुआत करते हुए सत्तासीन दल के नेता एम.शिवराज ने कहा कि बेंगलूरु शहर में स्थित अवैध फ्लेक्स बैनर्स की गिनती करना संभव नहीं है। इस पर प्रतिबंध का प्रावधान होने के बावजूद बीबीएमपी के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे और समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
ऐसे बैनर्स हटाने के लिए बीबीएमपी के पास पर्याप्त संख्या में कर्मचारी नहीं है। चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में भी फ्लेक्स व बैनर्स लगाए जा रहे हैं लेकिन इनसे बीबीएमपी को कोई आय नहीं हो रही है। विधानसौधा की एक किलोमीटर परिधि में बैनर लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। साथ में शहर में भी ऐसे बैनर्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
लापरवाही पर कोर्ट की फटकार
विपक्ष के नेता पद्मनाभ रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2011-12 तथा वर्ष 2012-13 में ही इस समस्या के समाधान के लिए नियम बनाए गए थे। इससे पहले वर्ष 2006 तथा 2008 में भी ऐसे बैनर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश तय किए गए है। लेकिन बीबीएमपी के अधिकारियों ने इन नियमों का पालन नहीं किया। इसलिए ऐसे हालात पैदा हुए हैं। अवैध फ्लेक्स, बैनर्स लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से ही आज बीबीएमपी को कर्नाटक उच्च न्यायालय की फटकार सुनने की नौबत आ गई है।
10 हजार से ज्यादा अवैध होर्डिंग
उन्होंने कहा कि फ्लाइओवरों पर फ्लेक्स, बैनर्स तथा होर्डिंग लगने के कारण दुर्घटनाएं हो रही है। इसलिए ऐसे बैनर्स को तुरंत हटाया जाए। शहर के पुरातत्व विभाग की सूची में शामिल भवन, मंदिरों के परिसर में बैनर्स तथा होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। शहर में अवैध होर्डिंगोंं की संख्या अब दस हजार से ज्यादा हो गई है। बीबीएमपी का विधि प्रकोष्ठ निष्क्रिय बना हुआ है। बीबीएमपी को रेसकोर्स से भी कर वसूला जाना चाहिए।
विज्ञापन विभाग बंद करें
भाजपा पार्षद मंजुनाथ ने कहा कि गत आठ वर्षों के दौरान बीबीएमपी को विज्ञापनों की माध्यम से केवल 150 करोड़ रुपए की आय हुई है। जबकि विज्ञापन एजेसियां होर्डिंग के माध्यम से चांदी काट रही हैं। बीबीएमपी को मौके के स्थानों पर होर्डिंग लगाने की व्यवस्था करनी चाहिए इससे करोड़ों रुपए की आय संभव है। अगर विज्ञापन विभाग से बीबीएमपी को अपेक्षित आय नहीं हो रही है तो ऐसे में यह विभाग बंद करना ही बेहतर विकल्प होगा।
महापौर के बयान से पार्षद नाराज
इस मामले को लेकर बहस के दौरान भाजपा पार्षद उमेश शेट्टी ने जब किसी व्यक्ति का नाम लिया तो महापौर संपतराज ने उन्हें नाम नहीं लेने को कहा। लेकिन शेट्टी ने फिर नाम दोहराया तो गुस्साए महापौर ऊंची आवाज में बहस करने के लगे। यह देख कर भाजपा के कई सदस्य शेट्टी के बचाव मेंं उतर पड़े। सदन में काफी देर तक कांग्रेस तथा भाजपा पार्षदों के बीच नोंक-झोक चलती रही। भाजपा के सदस्यों ने महापौर संपतराज से सदन की माफी मांगने की मांग की। महापौर के क्षमा मांगने के बाद बैठक की कार्यवाही जारी रही।
साल भर के लिए फ्लेक्स पर रोक
पालिका ने अगले एक साल के शहर में फ्लेक्स और बैनर के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। नई विज्ञापन नीति के आने के बाद ही इसके बारे में निर्णय लिया जाएगा। पालिका ने नियमों का उल्लंघन करने वाले सार्वजनिक स्थल विरुपण कानून के तहत मामला दर्ज करने की चेतावनी दी है जिसके तहत छह महीने की कैद के साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है। उच्च न्यायालय के आदेश के पालिका ने पिछले छह दिनों में २१ हजार १४० फ्लेक्स हटाए हैं। अवैध तरीके से फ्लेक्स लगाने को लेकर पिछले छह दिनों के दौरान १३ आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं। चार महीने के दौरान ९४ हजार फ्लेक्स हटाने के साथ ही ४५६ ममाले भी दर्ज किए गए। ६५ फ्लेक्स मुद्रण यूनिट भी बंद कराए गए।
Published on:
07 Aug 2018 04:49 am
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