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उगारखुर्द-विजयनगर रेलवे खंड का सीआरएस निरीक्षण आज

210 करोड़़ की लागत से बना है 18.5 किलोमीटर ट्रैक

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Chitrakoot Express should be operated from Chhindwara

बेंगलूरु. रेल संरक्षा आयुक्त शुक्रवार को उगारखुर्द-विजयनगर नए बिछाए गए रेलवे ट्रेक का निरीक्षण करेंगे। रेलवे ने हाल ही उगारखुर्द-विजयनगर (18.5 किलोमीटर) के बीच 210 करोड़ की लागत से रेललाइन दोहरीकरण का कार्य पूरा किया है। निरीक्षण और विभिन्न सुरक्षा मानदंडों की जांच के बाद नया ट्रैक रेल सेवा के लिए खोल दिया जाएगा।

रेल लाइन दोहरीकरण 2015-16 में स्वीकृत लोंडा-मिरज परियोजना का हिस्सा है। परियोजना रेल मंत्रालय द्वारा 100 फीसदी वित्त पोषित है। अब तक 186 किलाेमीटर में से 154 किमी को चालू किया जा चुका है। लोंडा से घाटप्रभा खंड का प्रधानमंत्री ने मार्च 2023 में उद्घाटन किया था। रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से क्षमता के साथ-साथ सुरक्षा भी बढ़ती है। न केवल अधिक संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है, बल्कि यातायात की दिशा (अप लाइन और डाउन लाइन) तय की जाती है और एक्सप्रेस/पैसेंजर ट्रेनों को अन्य ट्रेनों (यात्री या माल) के क्रॉसिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उगारखुर्द-विजयनगर के बीच नए दोहरे खंड में 02 प्रमुख पुल, 27 छोटे पुल और 2 रोड ओवरब्रिज शामिल हैं।उगारखुर्द, विजयनगर और शेडबल नाम के तीन स्टेशन हैं। रेलवे संरक्षा आयुक्त के वैधानिक निरीक्षण के दौरान गति परीक्षण किया जाएगा।