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दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे… मंदिरों के द्वार खुले तो लगी कतार

प्रतिमाओं की हुई भव्य सजावट

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दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे... मंदिरों के द्वार खुले तो लगी कतार

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे... मंदिरों के द्वार खुले तो लगी कतार

बेंगलूरु. लगभग ढाई महीने के बाद सोमवार को जब कर्नाटक में श्रध्दालुओं के लिए मंदिरों के द्वार खुले तो दर्शन पाने की अभिलाषा लिए श्रध्दालु कतारबद्ध नजर आए। हालांकि नजारा बदला-बदला था। कोरोना संक्रमण की वजह से प्रवेश स्थल पर श्रध्दालुओं थर्मल स्क्रीङ्क्षनग के जरिए तापमान जांचा जा रहा था। सैनिटाइजर का उपयोग करना पड़ा और भीतर गए तो सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दर्शन की इच्छा पूरी की। मुंह पर मास्क लगा होने के कारण मंत्रोच्चार में भी बाधा बनी रही।

राज्य के ढेर सारे मंदिरों के कपाट तो खुलते थे लेकिन पुजारी ही पूजा-अर्चना करते थे। आम श्रध्दालुओं को भीतर जाकर पूजा करने की अनुमति नहीं थी। सोमवार से केन्द्र के निर्देशानुसार मंदिरों में जाने की छूट मिली तो लोगों की जैसे मुराद पूरी हुई। सरकार ने मंदिरों में केवल दर्शन की अनुमति दी है। दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों और ६५ वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों से मंदिर नहीं आने की अपील की गई है। फिलहाल, मंदिरों में प्रसाद की व्यवस्था नहीं है केवल दर्शन की अनुमति है। मल्लेश्वरम, राजाजीनगर, बसवेश्वरनगर, विजयनगर, बुल टेम्पल रोड सहित अनेक इलाकों में मंदिर खुल गए हैं।

चामुंडी देवी का भव्य श्रृंगार
मैसूरु में चामुंडी पहाड़ी पर स्थित चामुंडी देवी के मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। प्रतिमा की मनोहारी सजावट देखकर श्रध्दालु भाव-विभोर नजर आए।

होटल भी खुल गए
सोमवार से शहर के होटल भी खुल गए। अभी तक इनमें घर ले जाने की अनुमति थी। हालांकि सोमवार को ग्राहकों की संख्या कम ही रही। बसवेश्वरनगर में एक होटल के प्रबंधक ने बताया कि हम ग्राहकों को मेनू देने से परहेज कर रहे हैं। सामाजिक दूरी और सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।