
परीक्षा और काउंसलिंग रद्द करने की मांग
भ्रष्टाचार और मामला दबाने का आरोप
बेंगलूरु. राष्ट्रीय मानसिक आरोग्य व स्नायु विज्ञान संस्थान (निम्हांस) कर्मचारी संघ ने निम्हांस नर्स भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने का दावा किया है। संघ का आरोप है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और मामले को दबाया जा रहा है। संघ ने निम्हांस प्रशासन से परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
हालांकि निम्हांस प्रशासन ने लीक को अफवाह बता परीक्षा को रद्द करने से मना कर दिया। कौशल परीक्षण और काउंसलिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। संघ ने इस पर आपत्ति जताई है। 160 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन तीन जुलाई को हुआ था। देश भर के 9000 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से महज 900 परीक्षार्थी ही अपनी योग्यता सिद्ध कर सके।
संघ के अध्यक्ष ए.जी.नागराज ने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन जवाब नहीं आया। उन्होंने बताया कि निम्हांस के एक कर्मचारी ने संघ को पर्चा लीक होने की सूचना दी थी। कर्मचारी के अनुसार परीक्षा के आयोजन के बाद उसने व्हाट्स एप चेक किया। व्हाट्स एप पेपर के असल पेपर से मिलान के बाद लीक की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसने संघ को इसकी जानकारी दी। लीक पर्चे में 89 प्रश्न वही थे जो परीक्षा में पूछे गए थे।
निम्हांस प्रशासन ने लीक को अफवाह बताया है। एक उच्च अधिकारी के अनुसार पर्चालीक होने का सबूत होता तो परीक्षा को रोक दिया जाता या बाद में रद्द कर दिया जाता। लीक की स्थिति में केवल 900 उत्तीर्ण नहीं होते।
नागराज ने बताया कि 5 जून को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा व निम्हांस के निदेशक डॉ. बी.एन. गंगाधार को पत्र लिख परीक्षा को रद्द करने व नए कुलसचिव के नियुक्ति की मांग की।
डॉ. गंगाधार ने आंतरिक जांच समिति का गठन किया। लेकिन संघ ने सात जून को डॉ. गंगाधर को भेजे गए दूसरे खत में समिति पर असंतुष्टि जताई। संघ के अनुसार समिति के सभी सदस्य निम्हांस प्रबंधन से थे। समिति में पुलिस, सीबीआइ, तकनीकी, साइबर या कानून का एक भी प्रतिनिधि नहीं था। इसके बाद संघ ने 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खत लिख हस्तक्षेप की अपील की। लेकिन प्रधानमंत्री और नड्डा की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
द्वितीय पीयू पूरक परीक्षा परिणाम घोषित
28.3त्न$ परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण
बेंगलूरु. प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (12वीं) के पूरक परीक्षा के गुरुवार के घोषित नतीजों में प्रदेश के 28.3 फीसदी परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण हो सके, यह कि गत वर्ष से 1.96 फीसदी ज्यादा है। गत वर्ष 26.34 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे।
इस बार 31.2 फीसदी छात्राएं और 26.31 फीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए। ग्रामीण क्षेत्र के 28.97 और शहरी क्षेत्र के 28.14 फीसदी विद्यार्थी पास हुए। प्रदेश के 301 परीक्षा केंद्रों पर 29 जून से 10 जुलाई तक परीक्षा का आयोजन हुआ था। परीक्षा में शामिल 2,24,879 विद्यार्थियों में 63,652 विद्यार्थी सफल हुए। 5629 मूल्यांकनकर्ताओं ने उत्तरपुस्तिकाएं जांची।बोर्ड के मुताबिक पूरक परीक्षा में शामिल हुए 133216 छात्रों में से 35051 उत्तीर्ण हुए जबकि 91663 छात्राओं में से 28601 उत्तीर्ण हुईं। बोर्ड के मुताबिक कला संकाय की परीक्षा देने वाले 80,636 विद्यार्थियों में से 27.89 फीसदी यानी 22,489 ही उत्तीर्ण हुए। वाणिज्य संकाय की परीक्षा देने वाले 76,512 विद्यार्थियों में से 25.28 फीसदी यानी 19,340 उत्तीर्ण हुए। विज्ञान संकाय की परीक्षा देने वाले 67,731 परीक्षार्थियों में से 32.22 फीसदी यानी 21,823 ही उत्तीर्ण हुए।
Published on:
27 Jul 2018 10:00 pm
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