
अब कर्नाटक में भी जिलाधिकारी के बजाय होंगे कलेक्टर
बेंगलूरु . राज्य सरकार कर्नाटक में भी जिलाधिकारियों का पदनाम कलेक्टर करने पर विचार कर रही है। राजस्व मंत्री आर.अशोक ने यह बात कही।
अशोक ने कहा कि आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों में जिलाधिकारियों को कलेक्टर कहकर संबोधित किया जाता है पर राज्य में जिलाधिकारी कहकर पुकारा जाता है। यहां भी जिलाधिकारियों को कलेक्टर कह कर संबोधित करने पर विचार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि आयकर, बिक्री कर, परिवहन विभाग में भी उपायुक्त के पद होते हैं। ऐसे में पूरे जिले की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी को उपायुक्त कहकर संबोधित करने से विविध विभागों के ऐसे पदों के बीच अंतर नहीं रह पाता है। लिहाजा अब से आगे जिलाधिकारियों को कलेक्टर कहकर संबोधित करने पर विचार किया जाएगा।
नड्डा के साथ चर्चा के बाद होगा मंत्रिमंडल का विस्तार
अशोक ने कहा कि दावोस प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री येडियूरप्पा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ चर्चा कर मंत्रिमंडल का जल्द विस्तार करेंगे।
अशोक ने शुक्रवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर विधानसौधा के सम्मेलन सभागार में सचिवालय के अधिकारियों व कर्मचारियों को शपथ दिलाई। इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मंत्रिमंडल का जल्द ही विस्तार होगा। जद-एस व कांग्रेस छोड़कर गठबंधन सरकार के पतन व भाजपा सरकार के सत्ता में लाने में मददगार रहे विधायकों के साथ उपचुनाव से पहले किए वादे के अनुसार मंत्री बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है। प्रदेश के तमाम राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में आलाकमान के पास पूरी जानकारी है। नड्डा के साथ येडियूरप्पा की चर्चा के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार की दिनांक तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री के पदों के बारे में चर्चा करने के लिए वे बहुत छोटे नेता हैं। लिहाजा इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
Published on:
25 Jan 2020 01:02 am
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