
देवेगौड़ा की कुमारस्वामी को सलाह
बेंगलूरु. जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने सुवर्ण विधानसौधा के घेराव की धमकी को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को सलाह दी है कि अधिवेशन शुरू होने से पहले ही गन्ना किसानों की समस्याओं का स्थाई समाधान करे। भाजपा ने बेलगावी में 10 दिसंबर को शुरू होने वाले विधानमंडल अधिवेशन के पहले दिन एक लाख किसानों के साथ घेराव करने की धमकी दी है।
गन्ना किसानों की चीनी मिलों में बकाया धन राशि का मसला तूल पकडऩे के मद्देनजर कुमारस्वामी ने मंगलवार रात देवेगौड़ा के पद्मनाभनगर स्थित निवास पर जाकर उनके साथ लंबी बातचीत की। इस दौरान देवेगौड़ा ने कुमारस्वामी को गन्ना उत्पादकों की समस्याओं का वरीयता के आधार पर समाधान निकालने की सलाह दी। देवेगौड़ा ने किसान महिला के बारे में कुमारस्वामी की टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई और भविष्य में किसी भी वर्ग विशेषकर किसानों के बारे में सोच समझकर बयानबाजी करने की सलाह दी।
देवेगौड़ा ने कुमारस्वामी को कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरामय्या के साथ सोमवार को हुई बातचीत का भी ब्यौरा दिया और गठबंधन के घटक दल कांग्रेस के नेताओं की उनके प्रति नाराजगी से भी अवगत करवाया। देवेगौड़ा ने कहा कि बेलगावी अधिवेशन की शरुआत से पहले गन्ना किसानों व चीनी मिल मालिकों के बीच सहमति बनाकर किसानों को उनका बकाया भुगतान दिलाने की समय सीमा तय की जानी चाहिए और गन्ने के अगले सीजन के लिए गन्ने की एफआरपी तय कर दी जानी चाहिए वरना किसान आंदोलन का असर अधिवेशन पर भी पड़ सकता है। बताया जाता है कि गन्ना किसानों की समस्याओं पर पिता-पुत्र ने करीब दो घंटे तक चर्चा की।
गौरतलब है कि गन्ना उत्पादक किसानों को चीनी मिलों में बकाया धन को दिलाने के मसले पर कुमारस्वामी ने मंगलवार को विधानसौधा में लगातार छह घंटे बैठक की और बैठक के बाद चीनी मिल मालिकों को अनुबंधित मूल्य के अनुसार किसानों की बकाया राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने 22 नवंबर को चीनी मिल मालिकों के साथ दोबारा बैठक बुलाकर समस्या हल करने का मानस भी बनाया है। इसी वजह से बैठक के बाद कुमारस्वामी सीधे देवेगौड़ा से सलाह-मशविरा करने उनके निवास पर पहुंचे।
Updated on:
22 Nov 2018 10:14 pm
Published on:
22 Nov 2018 10:14 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
