
समझदार वही जो विषम परिस्थिति में भी रहे सहज
बेंगलूरु. उपाध्याय प्रवीण ऋषि ने शुक्रवार को सिटी स्थानक में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि समझदार इंसान वही होता है, जो विषम परिस्थिति में भी सहज रहे, सामान्य रहे। चाहे कैसी भी समस्या हो उसका निराकरण निकाल ले।
किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति को दूर करने की क्षमता जिस व्यक्ति में होती है। वही समझदार होता है। हालात और समय में छिपे संकेतों को समझने वाला ही समझदार है। भावनाओं को काबू करने की योग्यता को बेहतर बनाना, अपने विचारों का प्रबंधन करना और सकारात्मक अंदाज में व्यवहार करना ही समझदार व्यक्ति की निशानी है, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों।
व्यक्ति को अपनी शक्ति का सामथ्र्य पता होना चाहिए। कहने का तात्पर्य यह है कि हमें वही काम अपने हाथ में लेना चाहिए, जिसे पूरा करने का सामथ्र्य हमारे
पास हो।
शक्ति से अधिक काम हाथ में लेने पर असफल होना निश्चित है। किसी भी व्यक्ति की समझदारी उसके बर्ताव से पता चलती है। उन्हें यह नहीं लगता है कि दूसरों की परवाह करना कमजोरी नहीं होती है। समझदार लोग दूसरों की ज्यादा परवाह करते हैं। क्योंकि वे लोगों के महत्व को समझते हैं।
समझदार व्यक्ति को समय के अनुसार कार्य करना चाहिए। समझदार व्यक्ति जानता है कि वर्तमान समय कैसा चल रहा है। अभी सुख के दिन हैं या दुख के। इसी के आधार पर वह कार्य करता है। यदि सुख के दिन हैं तो अच्छे कार्य करते रहना चाहिए और यदि दुख के दिन हैं तो अच्छे कामों के साथ धैर्य बनाए रखना चाहिए। दुख के दिनों में धैर्य खोने पर अनर्थ हो सकता है। इन बातों का ध्यान रखें तो अवश्य ही हमारा जीवन सफल व सार्थक है। प्रवचन के बाद अष्ठमंगल शिविर का आयोजन हुआ।
उपाध्याय प्रवीण ऋषि का कल का प्रवचन सिटी स्थानक में सुबह 9.15 बजे से रहेगा। रविवार प्रात: अक्कीपेट स्थानक की ओर विहार होगा। गांधीनगर स्थित नाहर भवन में गुरु आनंद चातुर्मास समिति-2019 के तत्वावधान में उपाध्याय प्रवरश्री प्रवीणऋषि की निश्रा में 72 घंटे का अष्टमंगल ध्यान साधना शिविर शुरु हुआ। इस शिविर में करीब 60 श्रावक-श्राविकाएं भाग ले रहे हैं।
Published on:
07 Jun 2019 11:33 pm
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