
- प्रभावितों में बच्चे व बुजुर्ग ज्यादा
- 30,577 मामले आए सामने
बढ़ती गर्मी के बीच Karnataka में दस्त के मामले चिंताजनक रूप से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अभी तक Diarrhea के 30,577 मामले सामने आए हैं। फरवरी के अंत तक दस्त के करीब 13,000 मरीज ही मिले थे। प्रभावितों में बच्चे व बुजुर्ग ज्यादा हैं। निजी अस्पतालों के अनुसार वे प्रतिदिन दस्त के पांच से 10 मरीज देख रहे हैं जबकि सरकारी अस्पतालों में यह संख्सा कई गुना ज्यादा है।
शरीर में पानी की कमी बड़ी वजह
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील बी. एम. ने बताया कि दस्त के पीछे डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) बड़ी वजह है। गंदगी, संक्रमण, फूड प्वाइजनिंग, वायरल संक्रमण, बैक्टीरिया, किसी दवा का दुष्प्रभाव दस्त के अन्य कारण हो सकते हैं। कई मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। दस्त होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाते रहें और गर्मी से बचाव के तरीके अपनाएं। 24 घंटे बाद भी दस्त की समस्या बनी रहने की स्थिति में चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
Published on:
26 Mar 2024 09:05 pm
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