
बेंगलूरु. बेंगलूरु विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हिन्दी राष्ट्रीय वेबिनार ‘समसामयिक हिन्दी साहित्य में जीवन संघर्ष; प्रतिक्रियाएं और प्रयोजन’ का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति ने किया।
इस मौके पर कुलपति ने कोविड के समय में योग, ध्यान, प्राणायाम, व्यायाम, पौष्टिक भोजन और अच्छी नींद आदि के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जीवन में मनुष्य को अच्छे विचार से ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड के हिन्दी विभागाध्यक्ष, प्रो.सीताराम के पवार, उत्तर प्रदेश के जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बाराबंकी के सह-प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार विश्वकर्मा, हैदराबाद विश्वविद्यालय के डॉ. गजेन्द्र कुमार पाठक, मैसूरु विवि की हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतिभा मुदायार, महाराष्ट्र के उस्मनाबाद के कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय के सह प्राध्यापक एवं शोध निर्देशक डा. हाशम बेग मिर्जा, बेंगलूरु के बिशप कॉटन महाविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार यादव ने विचार व्यक्त किए।
स्वागत हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शेखर ने किया। तीन दिन की संगोष्ठियों का संचालन विभाग के अध्यापक डॉ. बालाजी नायक ने किया।
Published on:
10 Aug 2020 01:00 pm
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