बैंगलोर

जैन अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र का वितरण किया

कविता जैन ने बताया कि पिछले 3 माह में प्रयास करके उन्होंने 100 जैन माइनॉरिटी सर्टिफिकेट कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यक विभाग से जारी करवाए

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जैन अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र का वितरण किया

बेंगलूरु. कर्नाटक सरकार की ओर से केआर रोड स्थित गरुड़ा परिसर में चिकपेट विधायक उदय बी गरुड़ाचार की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में जैन अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट वितरित किए गए। मंगलाचरण से शुरू कार्यक्रम में संयोजिका पूर्व पार्षद कविता जैन ने स्वागत किया। जीतो के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन तेजराज गुलेछा, पोरवाल जैन संघ के उपाध्यक्ष हेमराज पोरवाल, मातृछाया जैन महिला संगठन की मार्गदर्शिका त्रिशला कोठारी अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अतिथियों ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर पुष्प अर्पण किए। कविता जैन ने बताया कि पिछले 3 माह में प्रयास करके उन्होंने 100 जैन माइनॉरिटी सर्टिफिकेट कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यक विभाग से जारी करवाए।

विधायक उदय बी. गरुड़ाचार ने कहा कि समाज के किसी भी बंधु को कोई भी कठिनाई हो तो वे उसकी मदद के लिए हर समय तैयार हैं। तेजराज गुलेछा ने अग्रणी रहकर समाज के कार्य कराने के लिए कविता जैन का आभार व्यक्त किया। अतिथियों के करकमलों से अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट वितरण किए गए। इस अवसर पर मेदिनी गरुड़ाचार, बाबुभाई मेहता आदि उपस्थित रहे।

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श्रावक जीवन का परम कर्तव्य है उपधान तप
मैसूरु. सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में हल्लतकेरी स्थित महावीर भवन परिसर मे चातुर्मासार्थ विराजित आचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर प्रवचन में कहा कि श्रावक जीवन का परम कर्तव्य है उपधान तप। उपधान तप द्वारा आत्मा के स्वभाव का सर्जन, विभाव द्शा का विसर्जन एवं आत्मा शुद्धि का उपार्जन होता है। देव, गुरु और धर्म की सेवा, आराधना एवं भक्ति की श्रेष्ठ साधना है उपधान तप। श्रावक जीवन के अलंकार स्वरुप जो अणुव्रत होते हैं, उनमे भी आंशिक पापों का त्याग होता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार साधु साध्वी के लिए एकेन्द्रिय जीवों की हिंसा विराधना का त्याग होता है, उसी प्रकार उपधान के आराधको को भी एकेन्द्रिय जीवो की हिंसा का भी त्याग हो जाता है। संघ के अध्यक्ष एवं उपधान तप के लाभार्थी परिवार के अशोक दातेवाडिय़ा ने उपधान तप हेतु जानकारी देते कहा कि दशहरा पर्व के दिन 19 अक्टूबर को महावीर जिनालय में उपधान शुरू होगा। आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर तक है। इसके अतिरिक्त विभिन्न अवसरों पर विशेष आयोजन होंगे और इस वर्ष के अंत में 9 दिसम्बर को मोक्षमाला परिधान होगा।

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Published on:
03 Oct 2018 04:13 pm
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