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ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं : मुख्यमंत्री

भूमि दस्तावेज व सर्वेक्षण विभाग के आयुक्त मुनीष मोद्गिल के नेतृत्व वाली टीम ने इस योजना के लिए विशेष साफ्यवेयर तैयार किया है

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ऋण माफी के दायरे में आने वाले किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं : मुख्यमंत्री

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी ने कहा कि ऋण माफी योजना को लागू करने की प्रगति पर वे निरंतर नजर रखे हुए हैं और अधिकारियों की टीम पूरे मनोयोग से काम कर रही है।

लिहाजा ऋण माफी योजना के दायरे में आने वाले किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भूमि दस्तावेज व सर्वेक्षण विभाग के आयुक्त मुनीष मोद्गिल के नेतृत्व वाली टीम ने इस योजना के लिए विशेष साफ्यवेयर तैयार किया है और इस योजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने के कदम उठाए गए हैं।

ऋण माफी योजना का लाभ पाने की योग्यता रखने वाले किसी किसान को घबराने की जरूरत नहीं है।

फिलहाल राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है और इस जानकारी को साफ्टवेयर में डालकर परीक्षण किया जा रहा है।

सबसे पहले राज्य के सेडम तथा दोड्डबल्लापुर तालुकों में 5 नवम्बर से ऋण माफी की प्रक्रिया शुुरू की गई है।

इन तालुकों की बैंक शाखाओं द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूचनाओं की निरीक्षण कार्य पूरी हो जाने के बाद 12 नवम्बर से किसानों को ऋण लिए गए बैंकों में जाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा अपनी कृषि भूमि के विवरण की जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा जाएगा।

इसके बाद प्रदेश के अन्य तालुकों में भी यही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों में पहले से ही सूचनाओं के निरीक्षण की प्रक्रिया शुुरू की जा चुकी है और नवम्बर माह के अंत तक 6 हजार शाखाओं से संबंधित 20 लाख किसानों की सूचनाओं के निरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

जिला स्तर पर जिलों के जिलाधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस योजना के संबंध में किसानों के संदेह को दूर करने के वास्ते जल्द ही हेल्पलाइन शुरू की जाएगी।