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आर्थिक संकट के बावजूद छात्रवृति नहीं रोकने के निर्देश

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में 97 फीसदी आर्थिक प्रगति हासिल की गई है।उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर 2 युवा आईएएस, 2 आईपीएस व 13 आईआरएस सेवाओं के लिए चुने गए हैं।

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आर्थिक संकट के बावजूद छात्रवृति नहीं रोकने के निर्देश

आर्थिक संकट के बावजूद छात्रवृति नहीं रोकने के निर्देश

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने आर्थिक संकट के बावजूद पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृति का भुगतान नहीं रोकने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने मंगलवार को यहां आवासीय कार्यालय कृष्णा में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में 97 फीसदी आर्थिक प्रगति हासिल की गई है।उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर 2 युवा आईएएस, 2 आईपीएस व 13 आईआरएस सेवाओं के लिए चुने गए हैं।

इनको मिलाकर कुल 286 अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठकर विभिन्न पदों के लिए चुने गए हैं।मुख्यमंत्री ने इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग के कार्यक्रमों को वरीयता के आधार लागू किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य व परिवार व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बी. श्रीरामुलु, मुख्य सचिव टी.एम. विजय भास्कर तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव गंगाराम बडेरिया सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।