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धर्म संग्रह करने से पुण्य का अर्जन: मुनि राजपद्मसागर

धर्मसभा का आयोजन

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धर्म संग्रह करने से पुण्य का अर्जन: मुनि राजपद्मसागर

धर्म संग्रह करने से पुण्य का अर्जन: मुनि राजपद्मसागर

बेंगलूरु. धारवाड़ जैन संघ में मुनि राजपद्मसागर ने कहा कि पैसा, प्रॉपर्टी, गाड़ी, मकान, सब का संग्रह करने से पाप बढ़ते जाते हैं, लेकिन पुण्य को बढ़ाना है तो धर्म का संग्रह यानि दान देकर, वैयावच्य, भक्ति साधार्मिक भक्ति कर पुण्य का अर्जन किया जा सकता है। इसलिए धर्म करने से अच्छा शरीर, अच्छी सोच, और अच्छा वचन व अच्छे कार्य करके पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। अच्छा बोलकर पुण्य प्राप्त कर सकते हो और अच्छा सोचकर पुण्य का उपार्जन कर सकते हो। मुनि श्रमणपद्मसागर ने कहा कि जब तक शरीर स्वस्थ हो, अच्छा हो तब तक धर्म में जुड कर पुण्य का उपार्जन कर लेना चाहिए। क्योंकि जीवन का कोई भरोसा नहीं है। शुक्रवार को धारवाड़ जैन संघ में शंत्रुजय महातीर्थ की भावयात्रा कराई गई। इस अवसर पर संघ के ट्रस्टी प्रकाश सोलंकी, चंपालाल मुणोत, हेमराज भंडारी, सुरेश ललवानी भी मौजूद रहे।

मुणोत का सम्मान
बेंगलूरु. डॉ. बीआर अंबेडकर सेवा समिति, बिन्नी पेट की ओर से डॉक्टर बीआर अंबेडकर के 132 वीं जयंती उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर उनका सम्मान भी किया गया।