
कृष्णगिरी. पाश्र्व पद्मावती शक्तिपीठ प्रमुख डॉ वसंतविजय ने शुक्रवार को अष्ट दिवसीय भैरव महापुराण कथा, अभिषेक एवं यज्ञ महोत्सव के प्रथम दिन कहा कि जब देवी भागवत की कथा हुई तब पुत्र स्वरूप भैरव प्रसन्न हुए थे, अब जब पुत्र भैरवदेव की कथा का गुणगान होगा तो मां भी स्वत: प्रसन्न होकर कृपा बरसाएंगी। इस दौरान भैरव महापुराण में अंधकासुर राक्षस द्वारा भगवान शंकर की तपस्या कर अजेय होने के वरदान, भैरव अवतार प्राकट्य एवं अंधकासूर के रुद्र गणों के नायक बनने, शुक्राचार्य के जन्म प्रसंग की कथा की व्याख्या भी उन्होंने की।
हवन यज्ञ मंडप में डॉ वसंतविजय की निश्रा में बटुक भैरव देव का दूध, दही, घी, शहद, चंदन, इक्षुरस, पंचामृत इत्यादि विभिन्न औषधियों से अभिषेक हुआ। इसके बाद मध्य रात्रि तक हवन यज्ञ में आहुतियां दी गईं।
उन्होंने कहा कि देश की खुशहाली एवं प्रत्येक भारतवासी की समृद्धि-कल्याण की कामना के साथ यह अलौकिक आयोजन हो रहा है। भैरव महापुराण की आरती एवं हवन यज्ञ का लाभ पूजा भाविन प्रांजीवन गोविंदिया ने लिया।
Published on:
20 Aug 2022 07:28 am
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