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तत्व ज्ञान: 25 बोल सीखने की प्रेरणा

राजाराजेश्वरी नगर तेरापंथ महिला मंडल की ओर से साध्वी मधुस्मिता आदि ठाणा 6 के सान्निध्य में 25 बोल कार्यशाला हुई।

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तत्व ज्ञान: 25 बोल सीखने की प्रेरणा

तत्व ज्ञान: 25 बोल सीखने की प्रेरणा

बेंगलूरु. राजाराजेश्वरी नगर तेरापंथ महिला मंडल की ओर से साध्वी मधुस्मिता आदि ठाणा 6 के सान्निध्य में 25 बोल कार्यशाला हुई। साध्वी ने पच्चीस बोल का महत्व समझाते हुए शुरू के तीन बोलों की विस्तृत व्याख्या की। साध्वी ने राजराजेश्वरी नगर की बहनों की तत्वज्ञान के प्रति श्रद्धा एवं उसे सीखने की ललक की सराहना करते हुए सभी स्त्री-पुरुषों को को 25 बोल सीखने का आह्वान किया।

जीवन का आनंद रौब झाडऩे में नहीं, सहजता में है
बेंगलूरु. गणेश बाग में उपाध्याय रवीन्द्र मुनि ने शुक्रवार को धर्मसभा में कहा कि अपने को तोलना, जांचना, परखना जरूरी है। अपनी शक्तियों के प्रति जागरूक होना, अपनी कमजोरियों के प्रति होशपूर्ण होना आवश्यक है।


उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य जीवन को सम्भालना जरूरी है। प्राचीन काल से ही मनुष्य की श्रेष्ठता के गीत गाए गए हैं और आज भी गए जाते हैं, पर एक यथार्थ से कुछ ज्यादा ही बोल जाना या बात का बतंगड़ बना देना इसकी कमजोरी भी है। जीवन का आनन्द एक-दूसरे पर रौब झाडऩे में नहीं बल्कि सरलता और सहजता में हैं जितने हम सहज होंगे उतने ही आनन्दित होंगे। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि शनिवार को प्रात: ६.१५ बजे मुनिवृन्द विहार कर सुदामा नगर स्थित श्रावक आवास पर पर पहुंचेंगे तथा १ जुलाई को जयनगर स्थानक पहुंचेंगे।

जैसा दृष्टिकोण, वैसी ही धारणा
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ उदयनगर के तत्वावधान में धर्मसभा में साध्वी संयमलता ने कहा कि आप कहां हो यह महत्त्वपूर्ण नहीं, महत्वपूर्ण यह है कि आपकी दृष्टि कहां पर है।


उन्होंने कहा कि व्यक्ति का अपना स्वयं का जैसा दृष्टिकोण होता है वैसी ही धारणा वह दूसरों के लिए भी बना लेता है। जब दृष्टि बाहर की ओर होती है तो बाहरी पदार्थों में, साधनों में, सुविधाओं में सुख नजर आता है। साध्वी सौरभप्रज्ञा ने कहा कि मनुष्य स्वभाव की दो कमजोरी है। मनुष्य पाप करने से नहीं डरता है, कहने से डरता है और धर्म के क्षेत्र में कहने से नहीं डरता है, करने से डरता है। विहार सेवा में राजाजीनगर युवा, कृष्णराजपुरम, राममूर्ति नगर, उदयनगर के श्रावकों ने लाभ लिया। शनिवार को सुबह ९.१५ बजे भगवान मुनिसुव्रत स्वामी का अनुष्ठान रखा गया है।