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पद्मश्री तुलसी के नाम से जानी जाएगी हथिनी

बीबीपी में 23 हुई हाथियों की संख्या

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पद्मश्री तुलसी के नाम से जानी जाएगी हथिनी

पद्मश्री तुलसी के नाम से जानी जाएगी हथिनी

बेंगलूरु. एक लाख से अधिक पेड़ लगा चुकी और हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजी गई तुलसी गौड़ा के सम्मान में बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान (बीबीपी) ने कुछ दिन पहले जन्मी हथिनी को उनका नाम दिया है ( Elephant calf named after Padma Shri recipient Tulsi Gowda)।

बीबीपी (Bannerghatta Biological Park) की कार्यकारी निदेशक विपिन सिंह ने सोमवार को बताया कि बीबीपी की हथिनी वनश्री (13) एक बार फिर से मां बनी है। उसने 30 जनवरी को अपना दूसरा बच्चा जन्मा था जिससे बीएनपी में हाथियों की संख्या 23 हो गई है। इससे पहले सात वर्ष की उम्र में उसने फरवरी 2014 में पहले बच्चे को जन्म दिया था।

उन्होंने कहा कि तुलसी गौड़ा के सम्मान में हथिनी का नाम भी तुलसी रखा गया है। तुलसी गौड़ा को इनसाक्लोपीडिया ऑफ फॉरेस्ट कहा जाता है। उन्होंने कहीं पर भी सामान्य शिक्षा नही ली है। इसके बावजूद उनको जंगल में पेड़-पौधों की प्रजातियों के बारे में काफी जानकारी है। गरीब परिवार से संबंध रखने के बावजूद प्रकृति के संरक्षण को लेकर वे काफी सजग हैं। एक लाख से अधिक पौधों को पेड़ बना चुकी हंै। उनके सम्मान में हथिनी का नाम पद्मश्री तुलसी रखा गया है।