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हाथियों ने वन संरक्षक समेत दो लोगों को रोंदा

पीडि़तों को सरकार देगी साढ़े सात लाख मुआवजा
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बैंगलोर

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Anis Nisar Hameed

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Updated: 4 Mar 2020, 5:10 PM IST

Elephant

हाथी

कोलार. मालूर तहसील में सोमवार शाम हाथियों के झुंड ने भीड़ पर अचानक हमला कर दो लोगों को रोंद डाला। मृतकों की पहचान वन विभाग के वन संरक्षक गुडगौडानूर गांव निवासी मुनियप्पा (48) और एक नागरिक कोम्मनाहल्ली गांव के आनंदय्या (40) के तौर पर की गई है।
मालूर तहसील के नुटवे गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में घुस कर फसलों को नुकसान पहुंचाया था। हाथियों ने तमिलनाडु के मूतानूर वन क्षेत्र से बुदिकोटे जंगलो में बसेरा बनाया हुआ है। हाथी एक गांव से दूसरे गांव जाकर फसलों को नुकसान पहुंचाते रहे हैं। गत सप्ताह येलेसंद्रा गांव में कई हेक्टेयर में लगी फसलों को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया था।
रविवार रात फिर से हाथियों ने झुंड ने गांव में धावा बोला। इस दौरान ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारी हाथियों को जंगल की तरफ भगाने के लिए ढोल बजाने लगे और पटाखे जलाए। हाथियों को भागते समय अंधेरे में लोग मोबाइल फोनों का फ्लश भी जलाए हुए थे। संभवत: इसी रोशनी हाथी बेकाबू हो गए और वे पलटकर भीड़ की तरफ आने लगे। हाथियों ने मुनियप्पा और आनंदय्या को वहीं रोंद डाला। दोनों के गंभीर रूप से जख्मी होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच कर मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों से मिले वन मंत्री
इसकी सूचना मिलने पर वन मंत्री आनंद सिंह मालूर पहुंचे। उन्होंने मुनियप्पा और आनंदय्या के परिवार के सदस्यों को दिलासा दिया और दोनों परिवार को सरकार से साढ़े सात लाख-साढ़े सात लाख रुपयों का मुआवजा देने और हर माह पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में हाथियों के प्रवेश को रोकने के लिए जंगलों की सीमा पर लोहे की रेल पटरियों की बाड़ लगाई जा रही है। इसके लिए 20 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।