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पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन

जीवन विज्ञान प्रशिक्षण कार्यशाला

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पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन

पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन

बेंगलूरु. अडक़मारनहल्ली स्थित नाहर फार्म पर कर्नाटक शिक्षा विभाग के (डीएसईआरटी) के निर्देशन में संदर्भ व्यक्तियों को प्रशिक्षण के लिए आयोजित पांच दिवसीय शिविर का समापन हुआ। डीएसईआरटी के निदेशक विश्वनाथ ने पांच दिन में जो प्रारूप बनाए, उसका विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने संदर्भ व्यक्तियों द्वारा दिन रात किए गए श्रम की प्रशंसा करते हुए रात को 2 बजे तक कार्य किया। इससे ऐसा लगता है कि आप सभी का दिल मन और आत्मा जुड़ी रही। घर परिवार को छोडक़र इस कार्य को संपादित किया है। उप निदेशक वेदमूर्ति ने अलग-अलग थीम पर किए गए कार्य का विवरण प्रस्तुत किया। अगले शिविर में इन थीम को परिपक्वता प्रदान करनी है। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष शांतिलाल पोरवाल ने सभी का स्वागत करते हुए, अपने सुझाव दिए। जीवन विज्ञान के संयोजक ललित जैन ने कहा कि आपके श्रम को हम सभी अन्य भाषाओं में अनुवाद करवा कर संपूर्ण भारत में जीवन विज्ञान अकादमी के माध्यम से लागू करवाने का प्रयास करेंगे। कर्नाटक शिक्षा विभाग के लिए यह गौरव की बात होगी। आपका किया हुआ श्रम को विद्यार्थी जीवन को उच्च कोटि की कला के साथ देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मूलचंद नाहर ने कहा कि जीवन विज्ञान आचार्य महाप्रज्ञ का अवदान है और आचार्य महाश्रमण की कृपा है। सह निदेशिका गिरिजम्मा ने कहा की हम इस बात का निर्णय ले चुके हैं कि जिनकी प्रेरणा और सहयोग रहा उनका उल्लेख अवश्य करेंगे। उन्होंने जो पाठ्यक्रम प्रशिक्षण हुआ उसकी एक कॉपी संयोजक ललित जैन को भेंट की। मंजूनाथ ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बहुत ही सुंदर व्यवस्था के लिए नाहर फार्म, जीवन विज्ञान अकादमी और अणुव्रत समिति का को आभार जताया। अणुव्रत समिति के देवराज रायसोनी, निर्मल पोकरणा, हरकचंद ओस्तवाल, रूपचंद देसरला, गौतम वेदमूथा, विक्रम सेठिया उपस्थित थे।