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30 अंकों की परीक्षा, 60 अंकों का मूल्यांकन

कुल 184 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और यह गलती मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान ही सामने आई।
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बैंगलोर

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Nikhil Kumar

•

Updated: 13 Mar 2025, 3:31 PM IST

- प्रश्न पत्र सेट करने में हुई गड़बड़ी

-दोबारा परीक्षा की जगह दोगुने हुए अंक

-अनुशासनात्मक कार्रवाई की

बेंगलूरु.

बेंगलूरु विश्वविद्यालय Bengaluru University (बीयू) की ओर से आयोजित एक परीक्षा exam में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 30 अंकों के पेपर के लिए बैठने वाले छात्रों को अब प्रश्नपत्र में हुई गड़बड़ी के कारण 60 अंकों में से ग्रेड किया गया। बीयू अधिकारियों के अनुसार दोबारा परीक्षा आयोजित करना आसान नहीं था।

बीयू ने बीए टूरिज्म के छात्रों के लिए 'टूर गाइड एंड सर्विस' परीक्षा आयोजित की थी। दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रश्न पत्र 60 अंकों का होना चाहिए था, लेकिन परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने गलती से 30 अंकों का पेपर सेट कर दिया। कुल 184 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और यह गलती मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान ही सामने आई।

अकादमिक परिषद ने दी मंजूरी

वाणिज्य विभाग के डीन ने मामले की आंतरिक जांच की। अकादमिक परिषद को समाधान खोजने की जिम्मेदारी दी गई। सभी छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की कठिनाई को देखते हुए, बीयू ने एक और परीक्षा आयोजित करने के बजाय 30 अंकों के पेपर के अंकों को दोगुना करने का फैसला किया। इस निर्णय पर अकादमिक परिषद की बैठक में चर्चा की गई और इसे मंजूरी दी गई।

5000 का जुर्माना

बीयू के कुलसचिव (मूल्यांकन) सी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करना एक महत्वपूर्ण कार्य है और इसे पूरी तत्परता से किया जाना चाहिए। इस विषय के प्रश्नपत्र को लापरवाही से संभाला गया और बीयू ने 5,000 का जुर्माना लगाया है। उच्च शिक्षा विभाग को आगे की कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

जुर्माना पर्याप्त नहीं

अकादमिक परिषद के सदस्य श्रवण ने कहा कि इस गलती से 180 छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। परीक्षकों को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय अत्यंत सतर्क रहना चाहिए। जुर्माना पर्याप्त नहीं है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।