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कोलार में बढ़ती चंदन की चोरी से खफा किसान

कई प्रतिबंध हैं, फिर भी चोर बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में, चोरी के आठ मामले दर्ज किए गए हैं जबकि कई मामले दर्ज नहीं किए गए हैं।

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-वन विभाग पर मिलीभगत का लगाया आरोप

बेंगलूरु.

अखिल कर्नाटक श्रीगंधा मट्टू वनकृषि बेलेगरारा संघ के पदाधिकारियों ने कोलार जिले में चंदन Sandalwood Theft की बढ़ती चोरी के बीच वन विभाग के कर्मियों पर चोरों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।

एसोसिएशन के संयोजक श्रीनिवास रेड्डी ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बार-बार अपील के बावजूद, वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने चंदन उत्पादकों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया है। ऐसा लगता है कि वन विभाग Karnataka Forest Department चोरों के साथ मिला हुआ है। कटाई, परिवहन और बिक्री की अनुमति के लिए आवेदन करने के तुरंत बाद हो रही चोरियां इस बात की पुष्टि करती हैं। कई प्रतिबंध हैं, फिर भी चोर बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों में, चोरी के आठ मामले दर्ज किए गए हैं जबकि कई मामले दर्ज नहीं किए गए हैं।

एसोसिएशन के कोलार जिले के अध्यक्ष टी.एम. वेंकटेश गौड़ा ने कहा कि चंदन की लकड़ी की मांग बहुत ज्यादा है और राज्य भर में लगभग 50,000 किसान इसकी खेती करते हैं। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।