7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनाथ नवजात को स्तनपान कराने वाली महिला पुलिसकर्मी सम्मानित

महापौर ने किया अर्चना का गुणगान, मुख्यमंत्री देंगे केम्पेगौड़ा पुरस्कार

2 min read
Google source verification
BBMP

अनाथ नवजात को स्तनपान कराने वाली महिला पुलिसकर्मी सम्मानित

बेंगलूरु. कचरे के ढेर के पास मिले अनाथ नवजात को स्तनपान कराने वाली एक महिला पुलिस कर्मी अर्चना को महापौर ने शनिवार को सम्मानित किया है। अर्चना इलेक्ट्रानिक्स सिटी पुलिस थाना में आरक्षक हैं। स्तनपान कराते हुए की उनकी तस्वीर वायरल हुई थी।

महापौर संपतराज ने उन्हें नकद 10 हजार रुपए, एक स्वर्ण पदक, रेशमी साड़ी और प्रमाणपत्र प्रदान किया। संपतराज ने कहा कि अर्चना ने अनाथ बच्चे के साथ अपनी संतान की तरह व्यवहार करके उदाहरण पेश किया। 27 जून के पैलेस मैदान में केम्पेगौड़ा जयंती के अवसर पर अर्चना को मुख्यमंत्री के हाथों केम्पगौड़ा पुरस्कार दिलाया जाएगा।

इस अवसर पर अर्चना ने कहा कि एक सप्ताह बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना पाकर उसे बहुत दुख हुआ। समाज में इंसानियत को बढ़ावा देने की जरूरत है। अच्छे कार्य और गुण से हर आदमी सभी के लिए एक आदर्श बन सकता है।

----------

गरीब परिवार के छात्रों को एम-स्कॉलर देगी मेगमा फिनकोर्प
बेंगलूरु. मेगमा फिनकोर्प ने पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के होनहार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति 'एम-स्कॉलरÓ देने की घोषणा की है। उपाध्यक्ष कौशिक सिन्हा ने बताया कि मेगमा की ओर से पिछले तीन वर्षों में आर्थिक रूप से पिछड़े 200 गरीब होनहार विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियां दी जा चुकी है। आगामी छात्रवृत्तियां 15 अगस्त को विद्यार्थियों को तीन वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम के लिए दी जाएगी।

---------

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्माण
बेंगलूरु. आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ चेतना सेवा केंद्र परिसर में आचार्य महाश्रमण के चातुर्मास 2019 के दौरान बनाया जाने वाला अस्थायी भवन निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होगा। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के सचिव प्रकाश लोढ़ा ने यह जानकारी दी।

-------

परोपकार के समान कोई धर्म नहीं
मैसूरु. पार्थवाटिका मैसूरु के आराधना भवन में शनिवार को जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने धर्मसभा में कहा कि करोड़ों ग्रंथों का सार परोपकार पुण्य है और पीड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि आत्मा को जो पावन करे, पवित्र करे उसी का नाम पुण्य है और आत्मा को मलिन करे, दुख के गर्त में डूबो दे, उसी का नाम पाप है। परोपकार समान कोई धर्म नहीं है। परोपकार अर्थात अपनी शक्ति के अनुसार अन्य व्यक्ति को सहायता करना। परोपकार मात्रधन से ही होता है ऐसी बात नहीं है। मन, वचन और काया रूप तीनों योगों से भी परोपकार संभव है।