
योगीराज विजय शांतिसूरि मंदिर का शिलान्यास,योगीराज विजय शांतिसूरि मंदिर का शिलान्यास,योगीराज विजय शांतिसूरि मंदिर का शिलान्यास,योगीराज विजय शांतिसूरि मंदिर का शिलान्यास
अरसीकेरे. दक्षिण नाकोड़ा तीर्थ, अरसीकेरे में योगीराज विजय शांतिसूरि गुरु मंदिर का शिलान्यास शुक्रवार को हुआ। सुबह 7.30 बजे आकर्षक वेशभूषा में सुसज्जित नर-नारियों द्वारा शांति गुरुदेव के जयकारों के साथ शिलाओं का गाजे बाजे के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया।
लाभार्थी प्रवीण एम. मेहता परिवार ने शालिभद्र भोजन मंडप का उद्घाटन किया। वाराणसी नगरी का उद्घाटन भंवरलाल राजमल खटोड़ परिवार ने किया। सुबह 8.30 बजे स्नात्र पूजन एवं नवग्रहादिक पाटला पूजन किया गया। दोपहर को विजय मुहूर्त में आकाश मार्ग से बरसती हुई पुष्प वृष्टि के बीच अंतरराष्ट्रीय विधिकारक मनोजकुमार बाबुमल हरण सिरोही के मार्गदर्शन में सिद्देश्वर गुरुदेव की उपस्थिति में ऊं पुण्याहं पुण्याहं, प्रियंताम प्रियंताम के विशिष्ट मंत्रोंच्चार के साथ गुरु भक्ति से सराबोर सैंकड़ों गुरु भक्तों के भाव विभोर होकर लगाते हुए जयकारों के साथ गुरु मंदिर का शिलान्यास किया गया।
मुख्य कर्मशिला एवं अन्य आठ शिलाओं का मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया। मुख्य शिला का पूजन लाभार्थी अशोककुमार विजयकुमार कमलेश सुराना परिवार ने किया। शिलान्यास के बाद धर्मसभा में विधिकारक मनोजकुमार हरण ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जिस पर गुरु की कृपा होती है उसके जीवन में कोई संकट नहीं आ सकता है। अगर कभी कोई कठिनाई आ भी जाए तो सच्चे मन से गुरु का नाम स्मरण करने से सारी कठिनाईयां दूर हो जाती हैं। बिना किसी शिष्य सम्प्रदाय के शांति गुरु का नाम जन जन के हृदय में अत्यंत श्रद्धा के साथ अंकित है। उनका जिनशासन की प्रभावना में अनुपम योगदान है। मुख्य अतिथि प्रवीण एम. मेहता ने गुरु की चरण शरण को भगवान की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम बताते हुए कहा कि जिसके सर पर गुरु का हाथ हो वो संसार में हर सफलता को प्राप्त कर सकता है। मुख्य अतिथि अशोक संचेती न्यूजर्सी अमेरिका ने कहा कि अरिहंत की शरण लेने वाला सारे दुखों से मुक्ति पा लेता है। विशिष्ट अतिथि घनश्यामनाथ मोदी मुंबई, अरविन्द मोदी न्यूयोर्क, रमेश सांखला बेंगलूरु, उगमराज हुंडिया अहमदाबाद, राजेश चोरडिया चेन्नई, सरदारमल सुराना बेंगलूरु, सुरेश कांगटानी बेंगलूरु, मनोज बोहरा बेंगलूरु, विनोद मुणोत बेंगलूरु आदि अतिथियों एवं लाभार्थियों का सम्मान योगीराज विजय शांतिसूरि मंदिर ट्रस्ट के सचिव विजयराज सुराना, कोषाध्यक्ष चेतन झारमूथा, ट्रस्टी ललित चोरडिय़ा रायपुर, मांगीलाल मेहता, रमेश कटारिया, कमलेश सुराना ने किया। शांतिगुरु भक्त परिवार बेंगलूरु द्वारा दोपहर में अष्ट प्रकारी पूजा एवं भक्ति संध्या 'एक शाम गुरु शांति के नामÓ का आयोजन किया गया। मेरे मन में योगीराज, तेरे मन में योगीराज, रोम रोम में समाया योगीराज रे...जब कोई नहीं आता, मेरे गुरुवर आते हैं , मेरे दु:ख के दिनों में वो बड़े काम आते हैं.. आदि गुरुभक्ति से सराबोर भजनों की प्रस्तुति पर लोग झूम उठे।
संगीतकार ललित बर्मन एंड पार्टी ने भक्ति का समां बांध दिया। कार्यक्रम में नाकोड़ा भैरव आराधन चैरिटेबल ट्रस्टी के अध्यक्ष अशोककुमार सुराना, निर्माण समिति चेयरमैन शांतिलाल नाहर, उपाध्यक्ष सुरेश वेदमुथा, ट्रस्टी उत्तमचंद नाहर पांडिचेरी रिखबचंद सुराना, राजमल खटोड़ चेन्नई, शांतिलाल श्रीश्रीमाल, अमरचंद डागा, अरविन्द गुंदेचा मुडिगेरे, महेंद्र बागरेचा, वंशराज बोहरा, अमरचंद गुंदेचा उपस्थित थे।
Published on:
11 Oct 2019 07:22 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
