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महिला मंडल की साधारण सभा

उपाध्यक्ष लता बाफना ने संविधान का वाचन किया
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महिला मंडल की साधारण सभा

बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महिला मंडल राजराजेश्वरी नगर की प्रथम वार्षिक साधारण सभा संस्थापक अध्यक्ष कंचन छाजेड़ की अध्यक्षता में संपन्न हुई।मंगलाचरण से शुरू बैठक में कंचन छाजेड़ ने सभी से गुरुदेव के बेंगलूरु पदार्पण पर 25 बोल व प्रतिक्रमण की आध्यात्मिक भेंट देने के लिए जुट जाने का आह्वान किया। उपाध्यक्ष लता बाफना ने संविधान का वाचन किया।

मंत्री सरोज आर बैद ने प्रगति विवरण पेश कर आगामी कार्यों की जानकारी दी। कोषाध्यक्ष सुधा दुगड़ ने आय-व्यय का ब्यौरा दिया। वंदना भंसाली ने कन्या मंडल की रिपोर्ट दी। ट्रस्ट अध्यक्ष कमल दुगड़, तेयुप अध्यक्ष आलोक छाजेड़ ने भी विचार व्यक्त किए। सभा से पहले अध्यक्ष कंचन छाजेड़ ने साध्वी मधुस्मिता से आशीर्वाद लिया। संयोजन दिव्या बोथरा व निशा छाजेड़ ने किया। मंजू बोथरा व सोनू छाजेड़ ने धन्यवाद दिया।


आत्मिक शांति पाना है तो कषाय त्यागें
बेंगलूरु. श्रीरामपुरम जैन स्थानक में साध्वी दिव्य ज्योति ने कहा कि जीवन में आत्मिक शांति को यदि हासिल करना है तो हमें कषायों से निवृत्त होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चार कषायों में दूसरा नंबर 'मान' का आता है। जब व्यक्ति से पास धन, वैभव, पद, परिवार बढ़ता है तब व्यक्ति में मान की भावना तीव्र हो जाती है। मान पत्थर के खंभे के समान है, जीवन में कभी नहीं झुकने वाला अभिमान आत्मा को नरक गति की ओर ले जाता है। मान देखने में भले ही छोटा सा शब्द है लेकिन इसकी शक्ति बहुत बड़ी है।

मान सद्गति का अवरोधक एवं अधोगति की ओर ले जाने वाला होता है। अत: यदि हमें शांति की प्राप्ति करनी है तो इन कषायों से निवृत्ति आवश्यक है। साध्वी अमित सुधा ने कहा कि रात्रि भोजन जीवन में मान हानिकारक है। रात्रि भोजन से अनेक जीवों की विराधना होती है और अशुभ कर्मों का बंध भी होता है। सभा में सूरजबाई ने 15 उपवास की पचखान की। संचालन शांतिलाल खिंवेसरा ने किया।