
बेंगलूरु. कावेरी प्रबंधन बोर्ड गठित करने की मांग को लेकर बुधवार को तमिलनाडु बंद के दौरान कोडलूर में केएसआरटीसी के एक बस चालक और परिचालक पर हमला कर दिया गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए पुलिस थाने में बैठाए रखा गया। गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने ने मुख्यमंत्री ईके पलनीस्वामी से चर्चा करने के बाद दोनों को छोड़ा गया।
पुलिस के अनुसार एक सरकारी बस बेंगलूरु से कोडलूर रवाना हुई थी। चालक बसवराज और परिचालक गुरु संगप्पा को बंद के बारे में जानकारी नहीं थी। दोनों कुछ यात्रियों को बस में लेकर कुछ ही दूर निकले थे कि लगभग 40 से अधिक लोगों ने बस को जबरन रोका। सब यात्रियों को बस से उतारने के बाद बसवराज और गुरु संगप्पा पर हमला कर उनके कपड़े फाड़ दिए।
उन्हें तमिल भाषा में कावेरी नदी हमारी और कर्नाटक धोखेबाज के नारे लगाने को कहा। जब उन्होंने नारे लगाने से इनकार किया तो उनकी पिटाई की गई। दोनों किसी तरह अपनी जान बचाकर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस के पास गए तो पुलिस ने उन्हें थाने भेेज दिया। घटना की सूचना मिलने पर रामङ्क्षलगा रेड्डी नेे पलनीस्वामी से टेलीफोन पर बात की। बस चालक और परिचालक के अलावा तमिलनाडु में रहने वाले सभी कन्नड़भाषी लोगों की रक्षा करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रहने वाले तमिलभाषी लोगों की रक्षा करने सरकार प्रतिबद्ध है। पलनीस्वामी के निर्देश पर पुलिस ने बसवराज और गुरु संगप्पा को छोड़ दिया। दोनों को बस के साथ कर्नाटक की सीमा तक पुलिस की कड़ी सुरक्षा में छोड़ा। अत्तिबेले पहुंचने के बाद बसवराज और गुरु संगप्पा ने राहत की सांस ली।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि एक बड़ी भीड़ ने उन पर हमला किया था। उनकी रक्षा करने वाला कोई नहीं था। बस पर तमिल भाषा में कई नारे लिखे गए हैं, वहां के लोगों ने प्रदेश के नागरिकों के साथ कड़े तेवर अपना रखे हैं। जब तक तमिलनाडु में हालात शांतिपूर्ण नहीं होते, वे बस लेकर वहां नहीं जाएंगे। उन्हें थाने में बैठा कर पीने के लिए पानी तक नहीं दिया और उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया।
पांच लोगों की गिरफ्तारी
इसी बीच कडलूर पुलिस ने चालक और परिचालक पर हमला और सरकारी बस पर पथराव कर नुकसान पहुंचाने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य लोगों की तलाश जारी है।
Published on:
12 Apr 2018 06:18 pm
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