
बेंगलूरु. स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर पैदा हुए विवाद का मुद्दा मंगलवार को विधानसभा में उठा। शून्यकाल में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता यू टी खादर ने यह मसला उठाया। खादर ने कहा कि अदालत के आदेश को लेकर भ्रम की स्थिति है। जवाब में विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री जे सी मधुस्वामी ने कहा कि सरकार अदालत का आदेश लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मुद्दे को उठाते हुए खादर ने हिजाब विवाद का हवाला दिया और कहा कि इन दिनों शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति पीड़ादायक है। चूंकि, मामला अदालत में है, इसलिए वह विस्तार में नहीं जाना चाहेंगे। लेकिन, इस मुद्दे को उठाने के लिए वे इसलिए मजबूर हुए हैं क्योंकि अदालत के अंतरिम आदेश के बाद शिवमोग्गा जिले के कुछ स्कूलों में हिजाब पहनने को लेकर छात्राओं को कक्षा 10 की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने तक की अनुमति नहीं मिली। अदालत के आदेश को लेकर लोगों में भ्रम है। जब अदालत का आदेश कॉलेजों के संबंध में है, तो इसे स्कूलों में क्यों लागू किया जा रहा है। यहां तक कि प्राथमिक स्कूलों में भी इसे लागू करने किया जा रहा है। इसलिए एक भ्रम पैदा किया गया है।
उन्होंने कहा कि आदेश छात्रों के ड्रेस कोड के संबंध में है। लेकिन, इसकी गलत व्याख्या की जा रही है। यहां तक कि शिक्षकों और कर्मचारियों को भी स्कॉर्फ पहनने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे भ्रम पैदा हो रहा है। सरकार का कर्तव्य शिक्षा प्रदान करना है, न कि शिक्षा प्रदान करने में बाधा उत्पन्न करना। अदालत के आदेश को जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से लागू किया जाना चाहिए। लेकिन, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करे। उन्होंने कहा, संवैधानिक अधिकारों, अनुशासन और नियमों के बीच के मुद्दों के संबंध में अदालत फैसला करेगी।
इस मुद्दे पर कई और कांग्रेस विधायक बोलना चाहते थे। लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने यह कहते हुए अनुमति नहीं दी कि यह मुद्दा शून्यकाल के दौरान उठाया गया है। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। इस बीच सरकार की ओर से जवाब देते हुए मधुस्वामी ने कहा कि 'शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर जवाब देंगे। लेकिन, वे आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार अदालत के अंतरिम आदेश को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं ने की सीएम से भेंट
इससे पहले सुबह अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से मुलाकात की। इसमेंं विधायक यूटी खादर, तनवीर सेत, जमीर अहमद, कनीज फातिमा, विधान पार्षद रिजवान अरशद, सलीम अहमद आदि शामिल थे। इन नेताओं ने बोम्मई से हिजाब विवाद को हवा देने वाले संगठनों और शक्तियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की।
शिवसेना नेता ने साधा भाजपा पर निशाना
शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रदेश भाजपा के ट्विटर हैंडल पर इस मामले में याचिका दायर करने वाली छात्राओं के बारे में जानकारी सार्वजनिक किए जाने को लेकर निशाना साधा और कार्रवाई की मांग की।
Published on:
16 Feb 2022 10:34 am
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