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विफलता से ध्यान हटाने के लिए धर्मांतरण विरोधी विधेयक लाई सरकार: कुमारस्वामी

विपक्ष के साथ कोई चर्चा नहीं

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बेलगावी. सरकार की प्रशासनिक विफलता तथा राज्य की ज्वलंत समस्याओं से ध्यान हटाने के लक्ष्य को लेकर ही भाजपा सरकार शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक लाई है। जेडी-एस के नेता पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि हमेशा विवादास्पद विषयों को लेकर नफरत फैलाना तथा भावनात्मक मुद्दों का सहारा लेना भाजपा की फितरत रही है। इसलिए सरकार की ओर से लाए गए इस विधेयक से वे कतई चकित नहीं है। संघ परिवार के छिपे एजेंडे को लागू करना ही इस विधेयक का वास्तविक लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस विधेयक को लेकर विपक्ष के साथ कोई चर्चा नहीं की है। सदन में इस विधेयक पर बहस से चिंतित राज्य सरकार ने मीडिया को सदन में बहस के दौरान सदन से दूर रखने का गैर लोकतांत्रिक फैसला किया है।
‘डूबते जहाज’ पर मतदाता देंगे जवाब
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या की ओर से जेडी-एस को ‘डूबता हुआ जहाज’ करार देने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा के चुनाव परिणाम ही सिद्धरामय्या की इस टिप्पणी का करारा जवाब देकर राज्य के मतदाता ही बताएंगे कौन सा जहाज डूबेगा तथा कौन सा जहाज तैरेगा।

दो हजार करोड़ का आवासीय ऋण माफ
बेलगावी. अनूसूचित जाति-जनजाति के लोगों द्वारा विभिन्न आवास योजनाओं के लिए लिया गया 2 हजार 483 करोड़ रुपए का आवास ऋण माफ किया गया है। आवास मंत्री वी सोमण्णा ने यह जानकारी दी।

विधान परिषद में कांग्रेस के आर.बी तिम्मापुर के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लिए बनी विभिन्न आवासीय योजना में 50 फीसदी राशि ऋण के रूप में तो शेष 50 फीसदी राशि सहायता के रुप में आवंटित की जाती है। अजा-जजा समुदाय के लोगों को आवास निर्माण के लिए ऋण के रुप में आवंटित दो हजार करोड़ रुपए की राशि को माफ किया गया है।