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कर्नाटक में कोविड के मरीज बढ़े तो निपटने को तैयार : डॉ. सुधाकर

- कोविड मरीजों के लिए आरक्षित 21,728 में से 18 हजार से ज्यादा बिस्तर उपलब्ध- ऑक्सीजन सुविधा के साथ 6695, आइसीयू के साथ 2105 व वेंटिलेटर युक्त हजार बिस्तर उपलब्ध

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कर्नाटक में कोविड के मरीज बढ़े तो निपटने को तैयार : डॉ. सुधाकर

- संक्रमितों की संख्या दो लाख तक पहुंचने का अनुमान

बेंगलूरु.

कर्नाटक में कोरोना (Corona) के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश सरकार ने निकट भविष्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या दो लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। बेंगलूरु में 0.15 फीसदी और प्रदेश के अन्य हिस्सों में करीब 0.11 फीसदी लोग संक्रमित हो सकते हैं। प्रदेश के हॉट स्पॉट क्षेत्रों में करीब 0.14 फीसदी लोगों के संक्रमित होने की संभावना है। 15 फीसदी यानी 30 हजार मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने व पांच फीसदी यानी 10 हजार मरीजों को आइसीयू की जरूरत पड़ सकती है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने भी जुलाई से मरीजों की संख्या बढऩे की बात कही है। लेकिन, उनके अनुसार किसी भी स्थिति से निपटने को सरकार तैयार है। अनुमान के अनुसार मरीज नहीं बढ़ें इसके लिए पॉजिटिव मरीजों के सभी प्राइमरी व सेकंडरी कॉन्टेक्ट्स को कोरोना के लिए जांचा जा रहा है।

16 हजार केविड देखभाल केंद्र और 528 फीवर क्लीनिक
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने भी पूर्ण तैयारी का दावा किया है। कोविड-19 के मरीजों के लिए प्रदेश के एक हजार से ज्यादा अस्पतालों में 21 हजार से ज्यादा बिस्तर आरक्षित हैं। इन बिस्तरों के अलावा 16 हजार केविड देखभाल केंद्र और 528 फीवर क्लीनिक उपलब्ध हैं। 85.88 फीसदी यानी 18,892 बिस्तर खाली पड़े हैं। आठ जून तक 87 फीसदी बिस्तरों पर मरीज नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग के बुधवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सामने आए कुल 6,041 मरीजों में से 3,108 मरीज भर्ती हैं।

19,639 बिस्तर बेंगलूरु शहरी व ग्रामीण जिलों में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 84,776 बिस्तर हैं। इनमें से 19,639 बिस्तर बेंगलूरु शहरी व ग्रामीण जिलों में हैं। 84,776 बिस्तरों में से 21,728 बिस्तर कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित हैं। इनमें से 3470 बिस्तर बेंगलूरु शहरी व ग्रामीण जिलों में हैं। 3470 में से 2462 बिस्तर बेंगलूरु शहर में हैं। करीब 2388 बिस्तर रिक्त हैं। जबकि दावणगेरे जिले में 92 फीसदी, बेलगावी जिले में 93 फीसदी और बागलकोट जिले में 94 फीसदी बिस्तरों पर मरीज नहीं हैं। चार जिले ऐसे हैं जहां एक भी मरीज भर्ती नहीं है। रामनगर जिले में छह, मैसूरु में पांच, तुमकूरु व कोलार में चार-चार, हावेरी व कोप्पल जिले में आठ-आठ और कोडग़ू जिले में एक मरीज ही उपचाराधीन है।

2091 आइसीयू रिक्त
21,728 बिस्तरों में से करीब 86 फीसदी यानी 18,686 आइसोलेशन बिस्तर हैं। ऑक्सीजन सुविधा के साथ 6,695 बिस्तर हैं। आइसीयू सुविधाओं के साथ 2105 बिस्तर व वेंटिलेटर के साथ करीब 1000 बिस्तर हैं। फिलहाल 14 मरीज ही आइसीयू में उपचाराधीन हैं। यानी 2091 आइसीयू बिस्तर रिक्त पड़े हैं।

25 फीसदी ही इस्तमाल में
स्वास्थ्य आयुक्त पंकज कुमार पांडे ने बताया कि ज्यादातर बिस्तर सरकारी अस्पतालों में हैं और लोग परेशान नहीं होंगे। 21,728 बिस्तरों में से 15,054 बिस्तर सार्वजनिक अस्पतालों में और 3,820 बिस्तर निजी अस्पतालों में हैं। शेष 2854 बिस्तर कोविड देखभाल केंद्र आदि में हैं। फिलहाल उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का 25 फीसदी ही इस्तमाल में है। सरकार अस्पतालों में मरीज बढऩे की स्थिति में इन्हें होम क्वारंटाइन कर उपचार किया जाएगा या फिर निजी अस्पतालों में भर्ती करेंगे।

नहीं दे सकते पूरा अस्पताल पर बढ़ाएंगे बिस्तर
पांडे ने बताया कि पूरे अस्पताल को कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित नहीं कर सकते क्योंकि गैर-कोविड मरीज भी हैं। मरीजों की संख्या अनुमान से ज्यादा होने की स्थिति में बिस्तर बढ़ाने की योजना तैयार है। कोविड-19 के लक्षणों के बिना फीवर क्लीनिक पहुंचने वाले लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा जाएगा। लक्षण दिखने पर जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे और संबंधित को क्वारंटाइन केंद्र भेजा जाएगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने और मरीज की स्थिति के अनुसार उसे आइसोलेशन केंद्र या कोविड-19 अस्पताल भेजा जाएगा।

राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिसीजेज (Rajiv Gandhi Institute of Chest Diseases) के निदेशक डॉ. सी. नागराज के अनुसार मौजूदा बिस्तर, आइसीयू व वेंटिलेटर पर्याप्त हैं। प्र्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन के अनुसार बेंगलूरु शहरी जिले के निजी अस्पतालों में करीब 6000 बिस्तर हैं। इनमें करीब 4000 बिस्तर ऑक्सीजन सुविधाओं से लैस हैं और 600 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। प्रदेश के 80 हजार चिकित्सकों की सूची तैयार की गई है। मामले बढऩे पर जो चिकित्सक सरकार का सहयोग करना चाहते हैं उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है।

हर मरीज का कोविड अस्पताल में ही उपचार
कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. एम. के. सुदर्शन ने बताया कि केंद्रीय दिशा-निर्देश के अनुसार केवल मध्यम व गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है। इसके बावजूद कर्नाटक सरकार कोविड-19 के हर मरीज को अस्पताल में भर्ती कर उपचार कर रही है क्योंकि बिस्तर आदि सुविधाओं की कोई कमी नहीं है।

शुल्क निर्धारण पर विचार जारी
मरीजों की संख्या के साथ निजी अस्पतालों की भूमिका अहम हो जाएगी। लेकिन कोविड उपचार शुल्क निर्धारित करने पर सहमति नहीं बनी है। प्र्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने सरकार को प्रति मरीज 15-20 हजार रुपए चार्ज करने का प्रस्ताव भेजा है। स्वास्थ्य विभाग के अपर प्रधान सचिव जावेद अख्तर ने बताया कि लेकिन मामला विचाराधीन है।