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बैंगलोर

शिष्य के लिए गुरु ही नेत्र और देवता: आचार्य सुधांशु

चार दिवसीय अमृत ज्ञान वर्षा का आगाज
पूर्णिमा कन्वेंशन सेंटर, जयनगर में होंगे प्रवचन

बैंगलोरJun 20, 2024 / 09:16 pm

Santosh kumar Pandey

sudhanshu

बेंगलूरु. श्रद्धा पूर्वक गुरु निर्देशन में जीने से व्यक्ति का दुख दूर होता है। सद्गुरु की प्रेरणा से व्यक्ति नव सृजन के लिए तत्पर होता है, शिष्य का जीवन कीमती बनता है। यह विचार आचार्य सुधांशु महाराज के हैं। वे विश्व जागृति मिशन की ओर से श्रीधाम आश्रम में चार दिवसीय अमृत ज्ञान वर्षा के उद्घाटन कार्यक्रम में श्रध्दालुओं को संबोधित कर रहे थे। आचार्य ने कहा कि जीवन में शांति ,सफलता, सुख, प्रसन्नता, तृप्ति सद्गुरु की कृपा से प्राप्त होता है। शिष्य के लिए गुरु ही नेत्र, गुरु ही दीप, गुरु ही देवता, सद्गति, परम आराध्य है। भक्तों को गुरु पूर्णिमा महोत्सव में दिल्ली आने के लिए आह्वान करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव एक सुन्दर अवसर है सद्गुरु की कृपा पाने के लिए उनके चरणों में अपनी श्रद्धा प्रकट करने, कुछ नवीन संकल्प धारण करने और अपनी गलतियों के लिए सद्गुरु से क्षमा मांगने, सद्गुरु से दिव्य वरदान पाने का। विश्व जागृति मिशन के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य सुधांशु के सान्निध्य में श्रीधाम आश्रम में चार दिवसीय अमृत ज्ञान वर्षा का शुभारंभ हुआ। उनका स्वागत एवं अभिनंदन मण्डल के प्रधान के.के. टांटिया, सुभाष गोयल, गुलशन खन्ना के साथ कई गणमान्य लोगों ने किया।गुरु पूजन, गुरु आरती मंडल अध्यक्ष एवं विशिष्ट अधिकारियों ने किया।
अमृत ज्ञान वर्षा के तहत 20 जून से 23 जून तक जयनगर स्थित पूर्णिमा कन्वेंशन सेंटर में समारोह आयोजित किया जाएगा। रविवार को प्रातःकालीन सत्र के उपरांत मंत्र दीक्षा होगी।

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