
संस्कार निर्माण की प्रयोगशाला है ज्ञानशाला
बेंगलूरु. तेरापंथ भवन हनुमंतनगर में तेरापंथी सभा के तत्वावधान में मुनि चैतन्य कुमार ‘अमन’ व मुनि सुबोधकुमार के सान्निध्य में ज्ञानशाला दिवस का आयोजन हुआ। मुनि चैतन्य कुमार ने कहा भावी पीढ़ी में संस्कारों के निर्माण के लिए ज्ञानशाला प्रयोगशाला है। वर्तमान में शिक्षा का महत्व बहुत बड़ा है किंतु शिक्षा के साथ संस्कारों का होना नितांत जरूरी है। संस्कारों के अभाव शिक्षा भार बन जाती है। मुनि ने कहा टेक्नोलॉजी के इस युग में संस्कारों का हास होता जा रहा है जो की एक चिंतनीय प्रश्न है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके परिणाम अत्यंत कटु हो सकते है। एक संस्कारी बालक से ही परिवार समाज और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। वह राष्ट्र स्व तुल्य हो सकता है जिस राष्ट्र में संस्कारी बालक होते हंै। मुनि सुबोधकुमार ने बच्चों को ज्ञानशाला में आने की प्रेरणा दी। सभा अध्यक्ष तेजमल सिंघवी ने स्वागत किया। हनुमंतनगर एवं त्यागराज नगर ज्ञानशाला से ज्ञानार्थियों एवं प्रशिक्षिकाओं ने अपनी रोचक प्रस्तुतियां दी। सभा मंत्री हरकचंद ओस्तवाल, क्षेत्र संयोजिका नीता गादिया, युवक परिषद अध्यक्ष धर्मेश कोठरी, महिला मंडल अध्यक्ष कांता धोका, लाजवंती कातरेला ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानशाला संयोजिका मंजू दक ने किया। आभार रेखा पोरवाड़ ने किया।
Published on:
31 Aug 2021 08:41 am
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