
स्थानीय मुद्दे जल्द सुलझाए कांग्रेस आलाकमान : कुमारस्वामी
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि अगले सप्ताह प्रस्तावित राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के सहमत होने पर ही होगा।
दिल्ली प्रवास पर गए कुमारस्वामी ने वहां केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्रिमंडल विस्तार टलने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही। कुमारस्वामी ने कहा कि दोनों दलों के नेताओं की राय है कि मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाना चाहिए लेकिन अब यह कांग्रेस को तय करना है कि किन-किन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना है। कुमारस्वामी के इस बयान से एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार टलने के कयासों को हवा मिली है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि दो सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियां टालेगी। गुरुवार को दिल्ली में जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच डी देवेगौड़ा और कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल की मुलाकात के बाद से ही चर्चा है कि देवेगौड़ा ने भी उपचुनाव तक विस्तार टालने की सलाह दी है।
राहुल से आज या कल मिलेंगे कुमार
बेंगलूरु से दिल्ली रवाना होने से पहले कुमारस्वामी ने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की योजना से इनकार किया था। राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि कुमारस्वामी 6 अक्टूबर को दिल्ली में राहुल से मिल सकते हैं लेकिन कुमारस्वामी ने गुरुवार को ऐसी योजना से इनकार किया था। हालांकि, दिल्ली पहुंचने के बाद कुमारस्वामी का रूख बदल गया है। शुक्रवार को पत्रकारों सेे बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि वे शुक्रवार शाम अथवा शनिवार को राहुल से मिलने की कोशिश करेंगे। कुमारस्वामी ने कहा कि वे राहुल से मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा करेंगे और उसके बाद ही कांग्रेस को फैसले को देखते तत्काल विस्तार करने अथवा उसे टालने के बारे में निर्णय लेंगे। इससे पहले कुमारस्वामी ने पिछले सप्ताह कहा था कि मंत्रिमंडल का विस्तार 10 या 12 अक्टूबर तक हो जाएगा।
महादयी पंचाट के फैसले को अधिसूचित करे केंद्र
कुमारस्वामी ने कहा कि केंद्रीय जल संसाधन व भूतल परिहवन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान उन्होंने महादयी पंचाट के फैसले को अविलंब अधिसूचित करने की मांग की ताकि राज्य अपने हिस्से के पानी के उपयोग के लिए कदम उठा सके। कर्नाटक,गोव और महाराष्ट्र के बीच महादयी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर अगस्त में पंचाट ने अंतिम फैसला सुनाया था। कलसा-बंडूरी परियोजना को लेकर गोवा और कर्नाटक के बीच दशकों से विवाद चल रहा है। कर्नाटक पंचाट के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और शीर्ष अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रहा है।
मैकेदाटु को हरी झंडी मिलने की उम्मीद
कुमारस्वामी ने कहा कि कावेरी नदी पर प्रस्तावित मैकेदाटु परियोजना को लेकर भी उन्होंने गडकरी से बात की। केंद्र से इस परियोजना को जल्द स्वीकृति देने की अपील की जिस पर गडकरी ने सकारात्मक जवाब दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि हमने इस परियोजना को लेकर केंद्र को पूरी जानकारी दी है। राज्य को पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस परियोजना को मंजूरी दे देगी। तमिलनाडु इस परियोजना का विरोध कर रहा है।
Published on:
05 Oct 2018 03:18 pm

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