चामराजनगर. स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने शुक्रवार को अजीब और घातक बीमारी जेरोडर्मा पिगमेंटोसम का प्रकोप झेल रहे हनूर तालुक के भद्रैयानहल्ली और कुरात्ती होसुर गांवों का दौरा किया। बीमार बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मंत्री कुरात्ती होसुर गांव की सविता और हनूर तालुक के भद्रैयानाहल्ली गांव की दीक्षिता के घर गए और आश्वासन दिया कि सरकार सभी सुविधाएं प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि Xeroderma pigmentosum एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जो डीएनए मरम्मत में शामिल प्रोटीन में आनुवंशिक दोष के कारण होता है। 14 पीड़ित बच्चों में से 8 की मौत हो चुकी है। शेष बच्चों का उपचार जारी है। सहानुभूति के आधार पर परिवार को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा और दवा समेत अन्य सुविधाओं का भुगतान सरकार करेगी। देश-विदेश के चिकित्सक इस बीमारी के बारे में पूछ रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसे पनपने से रोका जा सकता है। जेरोडर्मा पिगमेंटोसम से ग्रस्त लोग यूवी लाइट के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। इसके कारण उनका धूप में बाहर निकलना असंभव हो जाता है।
कुछ लोगों में बौद्धिक अक्षमता, विकासात्मक देरी या सुनने में परेशानी जैसी कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियां भी हो सकती हैं। कुछ मामलों में आंखों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।