28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विक्टोरिया अस्पताल में हेलीपैड, एयर एम्बुलेंस सेवा जल्द

यह परियोजना करीब तीन वर्ष से लंबित थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हेलीपैड के लिए ब्लू प्रिंट तैयार है। राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह की यह पहली सुविधा होगी।

2 min read
Google source verification

-जीवन रक्षक अंगों को प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचाने में मिलेगी मदद

-तीन वर्ष से लंबित थी परियोजना

स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या हो फिर प्रत्यारोपण के लिए दान किए गए अंगों को समय रहते एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल पहुंचाना, समय बहुत कीमती होती है। एक समय सीमा के भीतर प्रत्यारोपण नहीं होने के कारण दाता के अंग बेकार चले जाते हैं। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग विक्टोरिया अस्पताल में एक हेलीपैड Helipad का निर्माण करेगा। एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

विक्टोरिया अस्पताल Victoria Hospital के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक एस. ने बताया कि यह परियोजना करीब तीन वर्ष से लंबित थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हेलीपैड के लिए ब्लू प्रिंट तैयार है। राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह की यह पहली सुविधा होगी। विक्टोरिया अस्पताल परिसर में प्रशासनिक भवन के समीप निर्माणाधीन 1000 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन के ऊपर हेलीपैड बनाने की योजना है। कुल मिलाकर, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में बेंगलूरु के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा बहुत जरूरी है।

 विक्टोरिया अस्पताल एक तृतीयक रेफरल अस्पताल है, जिसमें अंग प्रत्यारोपण से संबंधित एक सुपर-स्पेशियलिटी विंग है। हेलीपैड जीवन रक्षक अंगों को प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचाने में मदद करेगा। हेलीपैड आपातकालीन, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा की स्थिति में बड़े पैमाने पर निकासी में सहायक होगा।

शहर में ट्रैफिक के कारण कई मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से मरीज विक्टोरिया अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचने में समय लगता है। ऐसे मामलों में मरीज की स्थिति के अनुसार एयर एम्बुलेंस का उपयोग किया जा सकता है। सरकारी या निजी भागीदारी में एयर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है।

बेंगलूरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की पूर्व डीन डॉ. सी. आर. जयंती ने पहली बार दिसंबर 2021 में चिकित्सा शिक्षा विभाग को हेलीपैड के निर्माण का प्रस्ताव भेजा था।