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सीईटी रैंकिंग को लेकर उच्च स्तरीय समिति का गठन

इस समिति के परामर्श के आधार पर सीइटी के 1 लाख 75 हजार विद्यार्थियों से जुड़ी इस समस्या का समाधान किया जाएगा।

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सीईटी रैंकिंग को लेकर उच्च स्तरीय समिति का गठन

सीईटी रैंकिंग को लेकर उच्च स्तरीय समिति का गठन

बेंगलूरु. उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत सीइटी रैकिंग को लेकर उभरी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो.बी.तिम्मेगौडा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने यह बात कही।

यहां बुधवार को उन्होंने कहा कि समिति में अनंतपुर केंद्रीय विवि के कुलपति एस.ए.कोरी, राज्य तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक एन.रविचंद्रन, आईआईएससी के सेवा निवृत्त डीन प्रो.एमआरएस मूर्ति तथा बॉयो इन्फ्रॉटेक्स एंड एप्लाइड बायो टेक्नोलॉजी के प्रो.एन यतिंद्रा को शामिल किया गया है। इस समिति के परामर्श के आधार पर सीइटी के 1 लाख 75 हजार विद्यार्थियों से जुड़ी इस समस्या का समाधान किया जाएगा।

अंबेडकर भवनों में खुलेंगे सार्वजनिक पुस्तकालय
बेंगलूरु. समाज कल्याण मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कहा कि राज्य के जिन पंचायतों में निर्मित डॉ अंबेडकर भवनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है ऐसे भवनों का उपयोग सार्वजनिक पुस्तकालय के रूप में किया जाएगा।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने जनता दल-एस के ए.टी.रामस्वामी के प्रश्न के जवाब में कहा कि ऐसे भवनों का सदुपयोग ही इस योजना का लक्ष्य है। जहां पर अंबेडकर भवनों का निर्माण अधूरा है, ऐसे सभी भवनों का निर्माण निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन को आवश्यक अनुदान जारी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित 1142 छात्रावासों के पर्यवेक्षकों के पदों पर चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जा रही है। पहले चरण में 211 पुरुष तथा 221 महिला पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। यह सभी नियुक्तियां राज्य लोकसेवा आयोग के माध्यम से ही होगी।

विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बस की सुविधा
बेंगलूरु. परिवहन मंत्री बी. श्रीरामुलु ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस ने ईश्वर खंड्रे के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए विभिन्न परिवहन निगमों की जिन बसों ने 7 लाख किलोमीटर का सफर किया है। ऐसी बसों को निगम की बेड़े से हटाया जा रहा है। प्रशासनिक फैसले के तहत 15 वर्ष पुरानी बसों को भी हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के परिवहन निगमों में बसों की संख्या 44 हजार 663 है। इनमे से 1,762 बसों ने 9 लाख किलोमीटर तो 2 हजार 666 बसों ने 6 लाख किलोमीटर से अधिक फेरे लगाए हैं। कल्याण कर्नाटक के सार्वजनिक परिवहन निगमों की पुरानी बसें हटाकर इस निगम के बेड़े में शीघ्र ही 650 नई बसें शामिल की जा रही हैं।