
कर्नाटक में एचआइवी प्रसार दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा
एचआइवी प्रसार दर 0.29 फीसदी के साथ कर्नाटक सबसे अधिक प्रसार वाले राज्यों में नौवें स्थान पर है। वर्ष 2019 में कर्नाटक 16वें स्थान पर था। हालांकि, राज्य की एचआइवी प्रसार दर राष्ट्रीय औसत 0.22 फीसदी से ज्यादा है। अक्टूबर 2023 तक एआरटी केंद्रों पर पंजीकृत 3,86,056 एचआइवी मरीजों में से 1,85,536 जीवित हैं और एआरटी पर हैं। कर्नाटक में अब तक एआरटी पर एक लाख से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।
टीपीआर में गिरावट
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा एचआइवी संक्रमित Karnataka में हैं। हालांकि, वर्ष 2017 के बाद से कर्नाटक में एचआइवी परीक्षण सकारात्मकता दर (टीपीआर) गिरावट की प्रवृत्ति पर है। प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) के तहत महिलाओं में एचआइवी टीपीआर वर्ष 2017-2018 में 0.06 फीसदी से घटकर वर्ष 2023-2024 (अक्टूबर के अंत तक) में 0.03 फीसदी हो गया है। एकीकृत परामर्श और परीक्षण केंद्रों (आइसीटीसी) में परीक्षण किए गए सामान्य लोगों में यह वर्ष 2017-2018 में 0.85 फीसदी से गिरकर वर्ष 2023-2024 (अक्टूबर के अंत तक) में 0.36 फीसदी हो गया है।
76 लाख से ज्यादा का परीक्षण
कर्नाटक राज्य एड्स रोकथाम सोसायटी (केएसएपीएस) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-2023 में 33,23,365 लोगों को एचआइवी के जिए जांचा गया। इनमें से 0.39 फीसदी लोग संक्रमित निकले। एएनसी के तहत 14,26,667 महिलाओं की जांच हुई। इनमें से 0.04 फीसदी महिलाएं पॉजिटिव निकलीं। वर्ष 2023-2024 (अक्टूबर के अंत तक) में, 21,81,824 लोगों को जांचा गया और सकारात्मकता दर दर 0.36 फीसदी रही। एएनसी के तहत 8,55,777 महिलाओं की जांच हुई। सकारात्मकता दर 0.03 फीसदी दर्ज की गई।
लक्षित हस्तक्षेप
केएसएपीएस के अतिरिक्त निदेशक रमेश चंद्र रेड्डी वी. ने बताया कि HIV के प्रसार को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी साधन लक्षित हस्तक्षेप (टीआइ) कार्यक्रमों का कार्यान्वयन है। केएसएपीएस सभी जिलों में उच्च जोखिम समूह की आबादी को कवर करते हुए टीआइ कार्यक्रम लागू कर रहा है। हम वर्ष 2025 तक मां से बच्चे में एचआइवी के संचरण को खत्म करने और 2030 तक एचआइवी के शून्य संचरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कमर कस रहे हैं।
71 एआरटी केंद्र कार्यात्मक
केएसएपीएस के संयुक्त निदेशक अंसार अहमद ने बताया कि वर्तमान में 81 एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्रों में से केवल 71 केंद्र कार्यात्मक हैं। शेष 10 राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के तहत निजी मेडिकल कॉलेजों में नए स्वीकृत एआरटी केंद्र हैं और अभी तक कार्यात्मक नहीं हुए हैं। इसके अलावा, हमारे पास 303 कार्यात्मक लिंक एआरटी केंद्र हैं।
Published on:
01 Dec 2023 06:25 pm
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