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आम तथा कटहल मेले पर अनिश्चितता के बादल

हर साल होने वाले आम तथा कटहल मेले का इस बार आयोजन होना संदिग्ध है। हॉपकाम्स हर साल मई में मेले का आयोजन करता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण यह अनिश्चितता के घेरे है।

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आम तथा कटहल मेले पर अनिश्चितता के बादल

आम तथा कटहल मेले पर अनिश्चितता के बादल

बेंगलूरु. हर साल होने वाले आम तथा कटहल मेले का इस बार आयोजन होना संदिग्ध है। हॉपकाम्स हर साल मई में मेले का आयोजन करता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण यह अनिश्चितता के घेरे है।हॉपकाम्स के प्रबंध निदेशक बीएन प्रसाद के अनुसार अगर मई में कोरोना वायरस का प्रभाव कम हुआ तभी लालबाग में आयोजन पर विचार किया जाएगा।

रामनगर जिले से आम आने लगे हैं। कोलार जिले में सबसे अधिक आम का उत्पादन होता है यहां से मई के पहले सप्ताह में आम आने शुरू होने की संभावना है। हॉपकाम्स किसानों से आम तथा कटहल खरीदकर 10 फीसदी छूट के साथ बेचेगा।विपणन के लिए ऑनलाइन का सहाराशहर में हॉपकाम्स के 200 से अधिक स्टॉल्स पर विभिन्न किस्म के आम तथा कटहल उपलब्ध होंगे।

अगर मई में भी हालात नहीं बदले तो ऑनलाइन जैसे अन्य विकल्प आजमाएं जाएंगे। गत वर्ष आयोजित मेले में 800 टम आम बेचे गए थे। इस बार 1000 टन आम बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी हॉपकाम्स रोज 8-10 टन आम बेच रहा है। प्रति वर्ष की भांती हापकाम्स आम तथा कटहल किसानों से खरीदकर उपभोक्ताओं को 10 फीसदी रियायती के साथ उपलब्ध कराएगा।

तोतापूरी, सिंधूर, बैगनपल्ली, मल्लिका, कालपाडू, बादामी, दसहरी, मालगोवा, सक्करेगुत्ती किस्म के आम तथा चंद्राहलीसू, लालबाग हलीसू तथा जाणगेरे हलीसू किस्म के कटहल उपलब्ध होंगे।