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शहर में साल भर में परोसा छह करोड़ को खाना

शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को रियायती दरों पर ताजा व गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल राज्य सरकार ने इंदिरा कैंटीन योजना की घोषणा की थी।

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शहर में साल भर में परोसा छह करोड़ को खाना

शहर में साल भर में परोसा छह करोड़ को खाना

बेंगलूरु. शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को रियायती दरों पर ताजा व गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल राज्य सरकार ने इंदिरा कैंटीन योजना की घोषणा की थी। शहर के सभी १९८ वार्ड में ऐसे एक-एक कैंटीन खोलने का प्रस्ताव था। हालांकि, जगह की कमी के कारण सिर्फ १०६ कैंटीन का उद्घाटन १६ अगस्त २०१६ को हुआ था और अब इनकी संख्या बढक़र १७७ हो चुकी है। १७ वार्डों में जगह नहीं मिल पाने के कारण मोबाइल कैंटीन भी शुरू किए गए लेकिन अब भी ११ ऐसे कैंटीन खोले जाने हैं। साल भर में ५.९ करोड़ थाली परोसी जा चुकी है।

न्यास के गठन का प्रस्ताव
पालिका ने घाटे की शिकार इंदिरा कैंटीन योजना चलाने के लिए एक न्यास का गठन कर कार्पोरेट क्षेत्र तथा दानियों से सहायता लेने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। पालिका के पास अब कैंटीन चलाने के लिए धन नहीं है। अगर राज्य सरकार धन नहीं देती है तो पालिका के पास निजी क्षेत्र से सहयोग लेना का ही विकल्प होगा।

पालिका आयुक्त मंजुनाथ प्रसाद के मुताबिक राज्य सरकार ने 201७-1८ में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का आवंटन किया था। इसमें से अधिकतर राशि कैंटीनों के भवन निर्माण पर खर्च हुई है। शहर में कैंटीन को भोजन आपूर्ति का ठेका दो निजी कंपनियों को सौंपा गया है।

एक कंपनी 88 और दूसरी कंपनी 111 कैंटीन में आपूर्ति करती है। कंपनियों को सुबह के नाश्ते के लिए 9.५० रुपए, दोपहर और रात के भोजन के लिए 11.25-११.२५ रुपए यानि कुल 32 रुपए का भुगतान किया जाता है। ग्राहकों से एक नाश्ते के लिए 5 तथा दो वक्त के भोजन के लिए 20 रुपए लिए जाते हैं। इस कारण पालिका पर प्रति व्यक्ति रोजना ७ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ता है। जब यह योजना शुरू की गई तब कैंटीन में रोज 16 लाख प्लेट भोजन परोसा जाता था, आज यह संख्या 61 लाख तक पहुंच गई है। धर्मरायस्वामी वार्ड (के.आर.मार्केट) में सबसे अधिक 3700 और सबसे कम पूर्वी क्षेत्र में स्थित अगरम वार्ड कैंटीन में प्रति दिन 600 लोगों को नाश्ता तथा भोजन परोसा जाता है।

मेन्यू में होगा बदलाव, रागी-मुद्दा भी मिलेगा
पालिका ने इंदिरा कैंटीन में शीघ्र ही नए व्यंजन परोसना शुरू करने का निर्णय किया है। महापौर आर. संपतराज ने कहा कि अगले माह से इंदिरा कैंटीनों में नए व्यंजन दिए जाएंगे। रागी मुद्दे, दाल, उपमा, चपाती और विभिन्न प्रकार की सब्जियां परोसने का फैसला किया गया है। इस सिलसिले में भोजन की आपूर्ति करने वाले संस्थानों से चर्चा जारी है।

नए व्यन्जनों के लिए अधिक कीमत नहीं होगी। इन कैंटीनों हर दिन २.१५ लाख लोग भोजन करते है। बैटरानपुर कैंटीन में रागी मुद्दे और चटनी परोसी गई तो लोगों ने इसका स्वागत किया। अभी सुबह इडली, पोंगल, वांगी भात, खारा भात दिया जाता है। दोपहर व रात में चावल, दही-भात, पुलाव, सांबर परोसा जाता है।


चम्मच-प्लेट चोरी
उन्होने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक साल में १.२० लाख चम्मच और १० हजार प्लेट चोरी हुई हैं। एक चम्मच की कीमत १५ रुपए और प्लेट की कीमत ५० रुपए है। इससे २० लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि लोगों ने कैंटीन के बाहर धूप और बारिश से बचाव के लिए पंडाल लगाने का सुझाव दिया है। पालिका शीघ्र ही वाटर प्रूफ शामियाने लगवाएगी।