11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नवाचार : शिक्षा के प्रचार का प्रयास

राजस्थान के अलवर से प्रभावित

2 min read
Google source verification
education

नवाचार : शिक्षा के प्रचार का प्रयास

बच्चों को आकर्षित करने की कवायद

मैसूरु. जिले के नंजनगुड़ तालुक के होरापुर गांव का सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्कूल के प्रधान अध्यापक सहित तीन शिक्षकों ने दो कलाकारों की मदद से इस स्कूल को ट्रेन के रंग में रंग दिया है। पूरा स्कूल ट्रेन के डिब्बे की तरह नजर आता है।
स्कूल को इस तरह से रंगने की खास वजह है। दरअसल, स्कूल में बच्चों की संख्या लगातार घट रही थी। कक्षा एक से सात तक 55 बच्चे यहां पढ़ाई करते हैं। बच्चों को स्कूल तक खींचने के लिए शिक्षकों ने योजना बनाई। रंगाई के लिए शिक्षकों ने मिलकर अपनी जेब से 25,000 रुपए खर्च भी किए। प्रधान अध्यापक बसव नायक ने बताया, शिक्षक दोरैस्वामी, नेत्रावती व तरन्नुम की मदद से इस विचार को अमली जामा पहनाया गया। स्कूल को इस तरह से रंगने के बाद बच्चे काफी उत्साहित हैं। कक्षा में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। स्कूल को देख लगता है जैसे गांव के बीच से कोई ट्रेन गुजर रही हो।
पहली नजर में देखने पर यह स्कूल प्लेटफॉर्म पर खड़ी किसी रेलगाड़ी की तरह नजर आता है। बच्चों का कहना है कि उन्हें प्रतीत होता है जैसे वे ट्रेन की किसी बोगी में बैठ पढ़ाई कर रहे हैं। दरअसल शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर राजस्थान के अलवर के एक स्कूल की तस्वीर देखी थी। जिसे रेलवे कोच की तरह रंगा गया था। यहीं से उन्हें भी अपने स्कूल को इस तरह से रंगने का विचार आया। इस स्कूल के आसपास रेलवे स्टेशन तो क्या सरकारी बस तक की सुविधा नहीं है। गांव के ज्यादातर बच्चों ने ट्रेन देखी तक नहीं है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एम नारायण ने बताया कि गांव के कई बच्चे सरकारी स्कूल छोड़ नजदीकी शहर या बड़े गांव के निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। जो चिंता का विषय है। स्कूल को बचाने के इस प्रयास की चर्चा प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी हो रही है। इससे प्रभावित हो ग्राम पंचायत स्कूल की बाउंड्री बनाने के लिए आगे आया है।
लंबी छुट्टी पर चले गए गेेस्कॉम के इंजीनियर
बल्लारी. विधायक पी.टी. परमेश्वर नायक की धमकी से तंग आकर गेस्कॉम के सहायक कार्यकारी इंजीनियर श्रीनिवास मंत्रोडी के लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। आरोप है कि परमेश्वर नायक मंत्रोडी को धमका रहे हैं। श्रीनिवास मंत्रोडी डेढ़ साल से गेस्कॉम में सहायक इंजीनियर के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं।
हडगली में रहने वाले श्रीनिवास मंत्रोडी के भाई ने विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार ओदो गंगप्पा के समर्थन मे प्रचार किया जिससे गुस्साए विधायक परमेश्वर नायक ने तालुक विकास जांच बैठक में श्रीनिवास मंत्रोडी को खरी खोटी सुनाई व श्रीनिवास मंत्रोडी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने की धमकी भी दी। विधायक की धमकी से तंग आकर श्रीनिवास मंत्रोडी लंबी छुट्टी पर चले गए और यहां परमेश्वर नायक ने श्रीनिवास मंत्रोडी के स्थान पर अन्य अधिकारी को नियुक्त करने के लिए सिफारिशी पत्र भी भेज दिया है।