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आयोडीन की कमी से बढ़ती है मानसिक विकलांगता

आयोडीन की कमी के कारण बच्चों में भ्रम, पढ़ाई में कमजोरी, मानसिक विकलांगता, बहरापन जैसी कमजोरियां दिखाई देती हैं।

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आयोडीन की कमी से बढ़ती है मानसिक विकलांगता

आयोडीन की कमी से बढ़ती है मानसिक विकलांगता

बल्लारी. आयोडीन की कमी के कारण बच्चों में भ्रम, पढ़ाई में कमजोरी, मानसिक विकलांगता, बहरापन जैसी कमजोरियां दिखाई देती हैं। इस प्रकार की कमजोरियों से निजात पाने के लिए हमें नियमित रूप में आयोडीन युक्त नमक का सेवन करना चाहिए।


ये विचार जिला सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. अनिलकुमार ने विश्व आयोडीन कमी नियंत्रण तथा सप्ताह रैली को प्रचालित करने के उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आयोडीन की कमी के कारण वयस्कों में थकान तथा घेंघा जैसी बीमारियां दिखाई दे रही हैं। आयोडीन की कमी के कारण महिलाओं में बार-बार गर्भपात होता है।

आयोडीन की कमी के कारण ही कई बच्चों की मृत्यु जन्म से पहले ही हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रादेशिक स्तर पर नमक में आयोडीन की मात्रा का पता लगाने के लिए आयोडीन परीक्षण किट आशा कार्यकर्ताओं में वितरित किया गया है। शहर के विभिन्न गलियों में रैली निकालकर आयोडीन युक्त नमक खाने का संदेश फैलाया गया।

जीवन में मानवता का आना दुर्लभ
मैसूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिद्धार्थनगर स्थित सीआइटीबी परिसर में श्रुत मुनि व अक्षर मुनि ने उत्तराध्ययन सूत्र का मंगलपाठ करते हुए कहा कि मानव जीवन 84 लाख जीव योनि में भटकते हुए नरक तिर्यंच एवं देवलोक में गुजरते हुए प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन में मानवता का आना दुर्लभ है तथा देव गुरु धर्म पर श्रद्धा रखना अत्यंत दुर्लभ है। महापुरुषों ने कहा है कि देव, गुरु, धर्म तत्व महान है जो भी इसे समझ ले वही सच्चा बुद्धिमान है। धार्मिक जीवन में प्रमाद जहर के सामान तथा दान देने के लिए सर्वोत्तम समय वर्तमान बताया गया है। इस अवसर पर भगवान महावीर की स्तुति पुच्छीसुण्णं स्त्रोत का सामूहिक अनुष्ठान किया गया।


दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
बेंगलूरु. बेंगलूरु विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से यूजीसी के सहयोग से ३० अक्टूबर को ज्ञानभारती परिसर स्थित प्रो वैंकटगिरि गौड़ा मेमोरियल सभागार में सुबह १० बजे दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू होगी। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता विवि के कुलपति डॉ के आर वेणुगोपाल करेंगें जबकि मुख्य अतिथि कोचीन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शशिधरन, विशेष अतिथि बेंगलूरु विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सी शिवराजू तथ मुख्यवक्ता श्रीवेंकटेश्वर विश्वविद्यालय तिरुपति के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर रेड्डी होंगे।