
मोबाइल फोन को सीधे इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया अमरीकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल का उपग्रह ब्लूबर्ड 6 इसी महीने के पहले पखवाड़े (12 अक्टूबर) तक श्रीहरिकोटा पहुंच जाएगा। उपग्रह का इंटीग्रेशन और परीक्षण किया जा चुका है और इसे जल्द ही भारत के लिए रवाना किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने अत्याधुनिक प्रक्षेपणयान एलवीएम-3 से इसका प्रक्षेपण करेगा।
इसरो के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक यह मिशन दिसम्बर या जनवरी में लांच किया जा सकता है। इस मिशन के लिए इसरो की वाणिज्यिक इकाई न्यू-स्पेस इंडिया लिमिटेड (एन-सिल) और एएसटी स्पेस मोबाइल के बीच करार हुआ है। इससे पहले भी इसरो ब्लूबर्ड समूह के उपग्रहों को लांच कर चुका है। अमरीकी कंपनी ने कहा है कि उसके ब्लूबर्ड 6 इंटरनेट-बीमिंग उपग्रह का फाइनल इंटीग्रेशन और परीक्षण पूरा हो गया है और यह उड़ान के लिए तैयार है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कंपनी 12 अक्टूबर को उपग्रह भारत के लिए रवाना कर देगी। लगभग 6500 किग्रा वजनी ब्लूबर्ड-6 उपग्रह को पृथ्वी की लगभग 550 किमी वाली कक्षा में स्थापित किया जाएगा। दरअसल, अमरीकी कंपनी ऐसे उपग्रहों का बेड़ा तैयार कर रही है, जो सीधे मोबाइल फोन को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान कर सके।
इस बीच इसरो संचार उपग्रह जीसैट 7-आर (सीएनएस-03) प्रक्षेपण की तैयारी भी कर रहा है। यह उपग्रह इसी महीने लांच किए जाने की उम्मीद है। इस उपग्रह का प्रक्षेपण भी एलवीएम-3 से ही किया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से लैस जीसैट-7 आर नौसेना के लिए समर्पित उपग्रह है, जो पुराने उपग्रह जीसैट-7 (रुक्मिणी) की जगह लेगा। जीसैट-7 का प्रक्षेपण अगस्त 2013 में किया गया था और वह पिछले 12 वर्षों से नौसेना का रीढ़ रहा है। यह हिंद महासागर में युद्धपोतों, पनडुब्बियों, नौसेना के विमानों और तट आधारित कमांड केंद्रों के बीच रीयल-टाइम में संचार स्थापित करता रहा है।
Updated on:
9 Oct 2025, 8:33 PM IST
Published on:
9 Oct 2025, 8:32 PM IST
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