
बेंगलूरु. सीरवी सेवा संघ लिंगराजपुरम में चल रहे आईमाता मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में गुरुवार को बडेर भवन में वास्तुशांति हवन का आयोजन हुआ। पूरे दिन चले इस हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। समारोह स्थल दक्षिण अयोध्या खेल मैदान में आयोजित सम्मान समारोह में सीरवी सेवा संघ की ओर से सीरवी समाज की संस्थाओं एवं बडेरों के साथ जांगिड़ समाज, कुमावत समाज, प्रजापत समाज आदि समाजों का सम्मान किया गया, जिसके तहत विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों का शॉल, माला एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए।
बेंगलूरु विकास मंत्री के.जे. जार्ज एवं स्थानीय पार्षद लावण्या गणेश रेड्डी विशेष रूप से शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों का सम्मान हुआ। जार्ज ने कहा कि सीरवी समाज ने आई माता मंदिर का निर्माण कर अपने धर्म एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है।
समाज के लोग अपनी मेहनत एवं ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। लावण्या रेड्डी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। संघ के अध्यक्ष पी. लक्ष्मण पंवार, उपाध्यक्ष नारायणलाल परिहार, रतनलाल गहलोत, कोषाध्यक्ष बाबूलाल गहलोत, सचिव अमरचंद सानपुरा, सहसचिव हनुमान राम राठौड़ सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। वहीं, बुधवार रात्रि आयोजित भजन संध्या में अनिल सेन, हमीरा राम राईका, सोनल राईका एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति दी।
जनता दल (ध) तथा एनसीपी में चुनावी गठबंधन संभव
बेंगलूरु. विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ चुनावी समझौते के पश्चात अब जनता दल (ध) इस गठबंधन में नैशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को शामिल करना चाहता है। प्रदेश अध्यक्ष एच.डी.कुमारस्वामी ने गुरुवार को यहां एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात कर इस संभावना को टटोला। बताया जाता है कि मुलाकात के दौरान कुमारस्वामी ने उत्तर कर्नाटक की 5 से 7 विधानसभा सीटों पर एनसीपी प्रत्याशियों को जद (ध) के समर्थन की पेशकश की है। उत्तर कर्नाटक के कुछ जिलों में एनसीपी का अस्तित्व है। एनसीपी के समर्थन के बदले शरद पवार ने अन्य जिलों में जद (ध) प्रत्याशियों के प्रचार का आश्वासन दिया है।
बताया गया है कि पवार ने इस शर्त पर गठबंधन की सहमति दी है कि जद ध, चुनाव से पहले या बाद में भाजपा से गठबंधन नहीं करेगा। बैठक में जद (ध) के कार्यकारी अध्यक्ष पीजीआर सिंधिया उपस्थित थे। कुमारस्वामी ने बताया कि जद (ध), बसपा तथा एनसीपी का गठबंधन एक मजबूत गैर भाजपाई, गैर कांग्रेसी विकल्प बन कर उभरेगा। इससे पहले जद (ध) ने विधानसभा की 20 सीटों पर बसपा प्रत्याशियों के समर्थन की घोषणा की है। इस गठबंधन में वामपंथी दलों के भी शामिल होने की संभावना है।
बताया जाता है केवल मैसूर क्षेत्र के वोक्कालिगा बहुल क्षेत्रों तक सीमित जद (ध) ने उत्तर कर्नाटक तथा हैदराबाद-कर्नाटक में अपनी जडं़े मजबूत करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन बनाने का फैसला किया है।
Published on:
16 Feb 2018 06:45 am
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