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शक्ति के महापुंज थे जैन दिवाकर चौथमल

आयोजन: चौथमल की 141वीं जयंती में उमड़े श्रद्धालु

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jaini

शक्ति के महापुंज थे जैन दिवाकर चौथमल

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर के तत्वावधान में फ्रीडम पार्क में जैन दिवाकर चौथमल की 141वीं जयंती समारोह का भव्य आयोजन हुआ।

श्रमण संघीय उपाध्याय रविन्द्रमुनि ने कहा कि जैन दिवाकर चौथमल युग पुरुष रहे। वक्ता के साथ वे तेजस्वी कवि भी थे। 32 आगमों के सारांश के रूप में चौथमल ने निग्र्रन्थ प्रवचन ग्रंथ की रचना की।

रमणीक मुनि ने कहा कि जैन दिवाकर ने सेवाभाव से सभी को अपना बनाया। साध्वी संयमलता ने कहा जैन दिवाकर चौथमल संयम और त्याग के प्रतिमूर्ति थे। जैन दिवाकर शक्ति के पुंज थे।

जैन दिवाकर का नाम अमर रहेगा। श्रमण संघ की एकता के लिए आचार्य पद को नहीं स्वीकारा। उनके जीवन का अद्भुत संयोग रहा कि जन्म, दीक्षा, अंतिम प्रवचन और निर्वाण सभी शुक्ल पक्षीय रविवार को हुआ।

साध्वी मीराबाई, साध्वी मणिप्रभा, साध्वी वीणा, साध्वी निधिज्योति, साध्वी अमितसुधा, साध्वी अमितप्रज्ञा, साध्वी कमलप्रज्ञा ने विचार रखे। साध्वी सौरभप्रज्ञा ने 'जैन दिवाकर आज कठेÓ गीतिका से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

राजाजीनगर के संघ मंत्री ज्ञानचंद लोढ़ा ने कहा कि जैन दिवाकर ऐसे सूर्य हैं, जिसका प्रकाश सभी को मिलता है। राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष रमेश पुनमिया मुम्बई, किशोर बोहरा बाणावार, पंकज रांका हैदराबाद, मुकेश सोलंकी बोईसर, महावीर धोका बेंगलौर, गौतम मेहता राजाजीनगर, जीतो आरोग्यम के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सिंघवी ने विचार रखे।

शांतिलाल बम्बोरी पालघर ने कविता से माहौल में हास्य घोला। सरला दुग्गड़, रेखा पोखरना, प्रेक्षा मेहता, वसंती लोढ़ा, सीमा बोहरा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

राजाजीनगर संघ की ओर से कोरमंगला गोशाला को 5 लाख 21 हजार की राशि प्रदान की गई। समारोह में जैन दिवाकर के प्राचीन चित्रों की कला प्रर्दशनी आकर्षण बनी रही।

मुंबई से 55 यात्रियों का संघ लेकर आनेे पर संघपति मांगीलाल, रमेशकुमार पुनमिया परिवार एवं हैदराबाद से 250 यात्रियों का संघ लेकर आने पर हैदराबाद के पंकज, सुनील रांका परिवार का सम्मान हुआ। लाभार्थी प्रकाशचंद, धनराज, राकेशकुमार, विक्रमकुमार, राहुलकुमार गोलेच्छा परिवार का सम्मान हुआ।

ज्ञानचंद, पन्नालाल, भरतकुमार कोठारी परिवार की ओर से लकी ड्रॉ में निकाले गए। संघ की ओर से कोठारी परिवार का बहुमान हुआ।

हैदराबाद से अशोक तातेड़, राजकुमार दुग्गड़, राजेश भंडारी, ललित रांका, नवीन कावरिया, अनिल कोठारी, महावीर कोठारी, सिकंदराबाद से संपत कोठारी, मुम्बई से मोतीलाल पालरेचा, बोईसर से महेंद्र सोलंकी, सुरेश दोसी, गुलाब सोलंकी, नरेश भोगर, प्रदीप लोढ़ा सूरत से सुनील पुनमिया, अहमदाबाद से महावीर चौपड़ा, अरसीकेरे से महावीर बोहरा, चेतन भलगट, तिपटूर से भरत श्रीश्रीमाल, यादगीर से गौतम धोका, प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश छाल्लाणी, महामंत्री मनोहरलाल लुंकड़, मोहनलाल अखावत, धर्मेंद्र मरलेचा, उत्तमचंद कोठारी, राजेन्द्रप्रसाद कोठारी, राजेशकुमार मुथा, गौतमचंद धारीवाल, रिखबचंद मेहता, किरणराज मरलेचा के अलावा अनेक संघों से प्रतिनिधि शामिल हुए।

संचालन साध्वी संयमलता ने किया। संघ अध्यक्ष दानमल मेहता ने स्वागत भाषण दिया। आभार संघ मंत्री ज्ञानचंद लोढ़ा व्यक्त किया।

जाजीनगर श्रावक संघ, जैन मित्र मंच, राजाजीनगर युवा मंडल, त्रिशला महिला मंडल, त्रिशला बहु मंडल, ब्राह्मी कन्या मंडल, महावीर पाठशाला ने समारोह को सफल बनाने में सहयोग दिया।