16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जैन धर्म किसी सम्प्रदाय तक सीमित नहीं: रविन्द्र मुनि

उपाध्याय प्रवर ने चातुर्मास की महत्ता बताई

2 min read
Google source verification
jain muni

जैन धर्म किसी सम्प्रदाय तक सीमित नहीं: रविन्द्र मुनि

बेंगलूरु. श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर रवीन्द्र मुनि ने कहा कि आज देश में सम्प्रदायवाद बढ़ रहा है। आतंकवाद बढ़ रहा है। समाज-परिवार में संस्कारों का पतन हो रहा है। इन्हीं समस्याओं के प्रति सजग करने और लोगों के विचारों में बदलाव लाने के लिए जैन साधु-संत चातुर्मास के दौरान एक ही स्थान पर बैठकर कर प्रवचनों के माध्यम से अध्यात्म का ज्ञान फैला रहे हैं।
उन्होंने गुरुवार को बेंगलूरु प्रेस क्लब में में कहा कि जैन संस्कृति में चातुर्मास का बहुत बड़ा महत्व है। बारिश के इन चार माह के दौरान धरती पर असख्ंय जीवों की उत्पत्ति होती है। उनके लिए अहिंसा की दया की भावना से सभी संत एक ही स्थान पर रहते हैं। इस दौरान वे खाली नहीं बैठते। यह समय उनके लिए प्रवचन के माध्यम से विशेष धर्म जाग्रति का समय रहता है। इस बार 'आध्यात्मिक चातुर्मासÓ के दौरान अनेक आध्यात्मिक विषय शामिल रहेंगे। जैन धर्म किसी एक सम्प्रदाय तक सीमित नहीं है। चातुर्मास में सभी धर्म जाति से लोग आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करने पहुंचते हैं। इस वर्ष 2 अक्टूबर को देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती होने से चातुर्मास के दौरान उनके जीवन पर अनेक आयोजन किए जाएंगे। उनकी माता भी जैन थीं। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 16 हजार संत साध्वी चातुर्मास करते हैं। यहां गोड़वाड़ भवन में चातुर्मास में उनके सहित 10 संत रहेंगे, जो विविध विषयों पर प्रवचन करेंगे। ये सभी संत उत्तर भारत से दक्षिण में कुछ वर्षों से आध्यात्म भ्रमण कर रहे हैं।
चातुर्मास प्रवेश 22 को
वद्र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के संरक्षक विजयराज लुणिया ने बताया कि रवीन्द्र मुनि, रमणीक मुनि आदि ठाणा 10 का चातुर्मास प्रवेश 22 जुलाई को शांतिनगर स्थित लुणावत जैन स्थानक भवन से शोभायात्रा के रूप में दोपहर 12.15 बजे गोडवाड़ भवन में होगा। चातुर्मास के दौरान के संतो के सान्निध्य में धर्म प्रभावना के साथ अनेक श्रमण संघीय संतों के जयंती एवं निर्वाण दिवस पर विशेष आयोजन होंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान महामंत्री गौतमचंद धारीवाल, सम्पत्तराज धारीवाल, सुरेश मुथा, उत्तम मुथा, मनोहरलाल बाफना, कुशाल चौपड़ा आदि उपस्थित थे।
जीवन में मूल्य बनाए रखें
विल्सन गार्डन स्थित जैन स्थानक में उपाध्याय प्रवर रविन्द्र मुनि ने धर्म सभा में जीवन परिवर्तन की आसान राह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा वर्तमान समय बड़ी ही तेजी से बदल रहा है। बीते कल में और आज में कितना परिवर्तन आ गया है यह जब सब जानते ही हैं और होते हुए परिवर्तन को भी देख ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बदलाव में इतना ध्यान रखें कि हमारे जीवन मूल्य बनें रहें। हमारी मानसिक शांति कायम रहे, हमारी वैचारिक पद्धति स्वस्थ रहे, हमारी परम्पराएं स्पष्ट और लोकहितकारी हों, हमारी जीवन पद्धति निर्दोष बनें। वर्धमान स्थानक वासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि मुनिवृंद शक्रवार प्रात: 6.15 बजे विल्सन गार्डन स्थानक से पद विहार कर मावल्ली क्षेत्र में पहुंचेंगे। वहां से 21 जुलाई को अपराह्न 3.30 बजे प्रस्थान कर लुणावत भवन पहुंचेंगे।