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बेंगलूरु. पूर्व मंत्री व खनन माफिया के नाम से मशहूर जी जनार्दन रेड्डी ने रविवार को अपने दम पर सक्रिय राजनीति में वापसी करने का फैसला किया है। रविवार को उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर दी जिसका नाम कल्याण राज्य प्रगति पक्ष (केआरपीपी) रखा गया है। रेड्डी ने गंगावती से चुनाव लड़ने की भी घोषणा की। इस मौके पर रेड्डी ने कहा कि उनके साथ जो हुआ उससे और देश में मौजूदा राजनीतिक हालात से वह निराश हैं।
रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2018 में चुनाव के दौरान जब वे राजनीति में नहीं थे, तब गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाजपा का अब मैं भाजपा का सदस्य नहीं हूं। हालांकि दो दिन बाद ही उनके मित्र बी श्रीरामुलू ने उन्हें कॉल किया और बताया कि गृहमंत्री उनसे मिलना चाहते हैं। शाह ने उन्हें येडियूरप्पा व श्रीरामुलू के लिए काम करने की बात कही और कहा कि उनकी टिप्पणी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
शाह ने यह भी कहा कि चुनाव के बाद शीघ्र ही उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन हुआ यह कि सीबीआई ने आधी रात को मेरे घर पर छापा मारा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कई दशक तक वैध खनन किया है और हजारों लोगों को रोजगार मुहैया कराया है। खनन घोटाले में उनकी छवि खराब होने के 12 साल बाद , इसी साल सितम्बर में सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया और कहा कि उन्हें बेल्लारी से हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि इसी समय उनकी पुत्री ने पुत्री को जन्म दिया था और प्रसूति के बाद उनके घर में रह रही थी। उन्होंने कोर्ट से एक माह तक घर में रहने की अनुमति मांगी जो उन्हें मिल गई थी। हालांकि सीबीआई ने इसे बहाना बताते हुए कहा कि यह घर में रहने की बहानेबाजी है। इसके बाद 29 सितम्बर को तड़के 5.30 बजे सीबीआई की टीम उनके घर पहुंची और नवजात शिशु और बेटी के फोटो लिए गए। मेरे लिए यह अपमानजनक स्थिति तब बनी जबकि केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार है और मेरा भाई विधायक भी है।
यह कहे जाने पर कि उनकी नई पार्टी से भाजपा के विरोधी मतों का बंटवारा होगा और इससे भाजपा को ही मदद मिलेगी, रेड्डी ने सवाल को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जीतने के लिए चुनावी मैदान में उतर रही है।
Published on:
25 Dec 2022 05:29 pm
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