
बेंगलूरु. महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमइएस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कोई दो राय नहीं हो सकती है। लेकिन इस मांग के लिए राज्य के विभिन्न कन्नड़ संगठनों की ओर से 31 दिसम्बर को आहूत कर्नाटक बंद से महाराष्ट्र को नहीं बल्कि कन्नड़ भाषियों का ही नुकसान होगा। पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने यह बात कही।
यहां उन्होंने कहा कि कन्नड़ संगठनों को कर्नाटक बंद के ऐलान पर व्यापक विचार विमर्श कर फैसला करना चाहिए। कन्नड़ झंडे को आग लगाने वाले, संगोली रायण्णा तथा संत बसवेश्वर की प्रतिमाओं को विरुपित करनेवाले एमइएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी कार्रवाई करना राज्य सरकार का प्रशासनिक दायित्व है।
इस दायित्व को निभाने के लिए राज्य सरकार पर कई माध्यमों से दबाव डाला जा सकता है। लेकिन इसके लिए कर्नाटक बंद का आयोजन कर अपने लोगों को ही परेशान करना ठीक नहीं होगा।
बंद से कुछ भी हासिल नहीं होगा
जेडी-एस के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निखिल ने भी कर्नाटक बंद की अपील से असहमति व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे बंद से कुछ भी हासिल नहीं होगा। लिहाजा बंद के आयोजको इस फैसले पर पुनर्विचार करना होगा।
कर्नाटक बंद की घोषणा वापस लें कन्नड़ संगठन: अश्वथनारायण
कहा, सरकार ने दिया कड़ी कार्रवाई का निर्देश
बेंगलूरु. उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने कहा है कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमइएस) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। ऐसे में कन्नड़ संगठनों को 31 दिसम्बर को कर्नाटक बंद नहीं करना चाहिए।
Published on:
26 Dec 2021 04:57 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
