3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यात्रा संघ की पत्रिका अर्पण

आचार्य ने आशीर्वाद दिया एवं पूजा करवाई।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बैंगलोर

•

image

Ram Naresh Gautam

•

Updated: 28 Oct 2018, 5:14 PM IST

siddhchal

यात्रा संघ की पत्रिका अर्पण

बेंगलूरु. सिद्धाचल स्थूलभद्र धाम में जुमरबाई शंकरलाल वोरा परिवार ने आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर को संभव पावन कल्याण तीर्थ यात्रा संघ सम्मेद शिखर पालीताणा तीर्थ यात्रा संघ की पत्रिका अर्पण की। आचार्य ने आशीर्वाद दिया एवं पूजा करवाई।


धार्मिक संस्कारों पर जोर न देना बड़ी गलती
बेंगलूरु. श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ अलसूर के तत्वावधान में साध्वी नेहाश्री के सान्निध्य में महावीर भवन अलसूर में शनिवार को आचार्य नानालाल का 19वों स्मृति दिवस एवं आचार्य विजयराज का आचार्य चादर दिवस सामायिक, आयंबिल व्रत एवं गुणगान के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर साध्वी जिाज्ञासाश्री ने कहा कि बचपन में माता पिता एवं गुरुजनों के संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व की नींव होते हैं। सही समय पर सही गुरु का मिलना भी पुण्य है। वर्तमान में हम धार्मिक संस्कारों पर जोर न देकर बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।

साध्वी नेहाश्री ने कहा कि आचार्य नानालाल ने 20 वर्ष की युवावस्था में संयम मार्ग अपनाया और ज्ञानार्जन सेवा स्वाध्याय में स्वयं को व्यस्त कर लिया। अपने जीवन में उन्होंने 350 व्यक्तियों को जैन दीक्षा दी। वे 33 साल तक आचार्य रहे।

वर्तमान आचार्य विजयराज ने अपने बचपन में नानालाल के पास दीक्षा ली और उन्हीं के समीप रहकर अपने जीवन को सुरभित किया। संघ की ओर से अभयकुमार बांठिया ने श्रद्धासुमन व्यक्त किए।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक