
बेंगलूरु. कर्नाटक एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (केएआरडी) ने सरकार से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में जल्द से जल्द गैर कोविड सेवाएं बहाल करने के साथ वेतन, वृत्तिका और कोविड जोखिम भत्ते के भुगतान की अपील की है। केएआरडी की अन्य मांगें भी हैं जिसे लेकर चिकित्सक सोमवार को सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे।
केएआरडी (Karnataka association of resident doctors) के अध्यक्ष डॉ. दयानंद सागर ने कहा कि मार्च से विक्टोरिया अस्पताल गैर कोविड मरीजों के लिए बंद है। अस्पताल पर निर्भर हजारों गरीब मरीज बेहाल हैं। बेंगलूरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के अंतर्गत संचालित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के हजारों चिकित्सा विद्यार्थी प्रशिक्षण से वंचित हो गए हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने भी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में गैर-कोविड सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. दयानंद ने कहा कि बीते नौ महीने से पोस्ट गै्रजुएट, अंडर ग्रैजुएट और हाउस सर्जन कोविड ड्यूटी पर हैं। राज्य में व्यापक रूप से उचित नैदानिक शैक्षणिक गतिविधियां नहीं हुई हैं। इसलिए केएएआरडी वर्ष 2020-21 के लिए शैक्षणिक शुल्क से छूट देने की मांग करता है। रेजिडेंट चिकित्सकों, प्रशिक्षुओं और अंडर गै्रजुएट्स को कोविड जोखिम भत्ता मिले।
उन्होंने बताया कि अनिवार्य सेवा के तहत कोविड ड्यूटी पर लगाए गए वरिष्ठ रेजिडेंट चिकत्सकों को करीब तीन माह से वेतन नहीं मिला है। संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स और इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ में कार्यरत पीजी चिकित्सकों को छह माह से संशोधित वृत्तिका का भुगतान नहीं हुआ है।
एक दिसंबर से मेडिकल और डेंटल कॉलेज फिर से खुल चुके हैं लेकिन मेडिकल कॉलेजों में केवल कोविड मरीजों का ही उपचार हो रहा है। चिकित्सा शिक्षा विभाग को चाहिए कि मेडिकल कॉलेजों में सामान्य सेवाएं बहाल कर जनरल अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करे। भविष्य में जरूरत पड़ी तो मेडिकल कॉलेजों का इस्तमाल किया जा सकता है।
Published on:
07 Dec 2020 08:30 pm
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