
कर्म किसी का पीछा नहीं छोड़ते
बेंगलूरु. राजाजीनगर स्थानक में विराजित साध्वी निधि ज्योति ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि संसार के प्रत्येक प्राणी को अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। इससे मुक्ति कभी नहीं मिलती है। यह बात और है कि किस कर्म का फल कब मिलता है। कर्म विज्ञान विषय पर प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि साधारण मनुष्य से लेकर तीर्थंकर भगवंत तक सबने कर्म भोगे हैं। जिस प्रकार चाहकर भी हम परछांई को अपने से अलग नहीं कर सकते, ठीक उसी प्रकार हमारे द्वारा किए गए कर्म भी हमारा पीछा नहीं छोड़ते। कितने ही छिपकर कर्म किए जाएं, उन्हें भुगतना ही पड़ता है। कर्म ही सृष्टि का आधार है। मनुष्य जो भी कर्म करता है, चाहे सकारात्मक हो या नकारात्मक, उस कर्म का फल तो उसे भोगना ही पड़ता है। कर्म करते ही कर्म का फल हमारे साथ चिपक जाता है। उससे बचा नहीं जा सकता। अच्छा कर्म करने से चित्त में पुण्य कर्म जमा होते हैं और बुरा कर्म करने से पाप कर्म। इन दोनों तरह के कर्मों का फल व्यक्ति को अवश्य भोगना होता है। इसलिए पूर्ण जागरूक रहकर कर्म करें।अच्छे कर्मों को करने और बुरे कर्मों का परित्याग करने में ही हमारी भलाई है।
Published on:
21 Feb 2020 07:06 pm
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